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देवरिया के मझौली-मैरवां मार्ग पर हादसे में बीएसएफ के जवान व उसके दोस्त की मौत

Thu, 21 Jan 2021 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 11:57 PM IST
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BSF Jawan and his friend died in road accident
देवरिया के मझौली-मैरवां मार्ग पर हादसे में बीएसएफ के जवान व उसके दोस्त की मौत
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फुलवरिया/सलेमपुर। मझौली-मैरवां मार्ग पर दीर्घेश्वर नाथ तिराहे पर चारपहिया वाहन की चपेट से बाइक सवार बीएसएफ के जवान व उसके साथी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। घटना में शामिल समेत वाहन पुलिस के कब्जे में हैं। चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
भाटपारानी थाना क्षेत्र के फुलवरियां गांव निवासी वीरेंद्र सिंह बीएसएफ के जवान थे। नौकरी के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उनकी जगह बड़ा बेटा गौरीशंकर उर्फ गोलू (30) बीएसएफ में भर्ती होे गया था। हालांकि वह परिवार के साथ कोलकाता में मकान बनवाकर रहते थे। घर पर उनकी दादी रहती हैं। 13 नवंबर को वह छुट्टी पर घर आए और दादी के लिए मकान का निर्माण शुरू करा दिया। बृहस्पतिवार की सुबह वह गांव के ही अपने साथी रत्नेश सिंह के साथ किसी काम से मझौलीराज आऐ थे। काम निपटाने के बाद दोनों बाइक से लौट रहे थे। मझौली मैरवां मार्ग के दीर्घेश्वर नाथ तिराहे पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार चारपहिया वाहन की चपेट में आ गए। दोनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। लोगों ने बताया कि बीएसएफ का जवान हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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इस बाबत प्रभारी कोतवाल रामप्रवेश ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जबकि घटना में शामिल वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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सड़क पर तड़पते रहे बाइक सवार
सलेमपुर। हादसे के बाद बीएसएफ के जवान व उसका दोस्त सड़क पर तड़प रहे थे। लेकिन मदद के बजाए लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ लोग तो घटना की तस्वीर व वीडियो बनाने में लगे रहे। अगर समय से अस्पताल पहुंचाया गया होता तो शायद दानों की जान बच जाती।
हादसे मेें मौत की जानकारी होते ही कोलकाता में रह रहे परिवार के लोग घर के लिए रवाना हो गए हैं। जबकि मृतक रत्नेश सिंह अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। मौत की खबर मिलते ही पत्नी आंचल देवी व माता रामकुंवरा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।
फोटो समाचार
दो युवकों की मौत से फुलवरिया गांव में सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। फुलवरिया गांव के दो युवकों की बृहस्पतिवार को हादसे में हुई मौत से पूरे गांव में सन्नाटा है। मृतक बीएसएफ के जवान गौरी शंकर की तैनाती जम्मू में थी। वह 13 नवंबर को छुट्टी पर मकान बनवाने घर आए थे। छुट्टी पूरी होने पर मुख्यालय से बार-बार बुलावा आ रहा था। सभी लोग यही कह रहे थे कि सेना मुख्यालय के बुलावे पर ऊपर वाले का बुलावा भारी पड़ा।
गौरीशंकर अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार का कमाऊ सदस्य थे। उनकी पत्नी मोनिका सिंह अपने एक साल के पुत्र के साथ कोलकाता में रहती हैं। मां गीता देवी और दोनों भाई हरिशंकर और प्रेमशंकर भी वहीं रहते हैं। घर पर दादी कुंती देवी रहती हैं।

उधर, दूसरे मृतक रत्नेश सिंह अपने पिता मैनेजर सिंह और माता राम कुमरा देवी की एकमात्र संतान थे। उनकी डेढ़ वर्ष पूर्व शादी हुई थी। पत्नी अंचला देवी इस समय गर्भवती हैं। पिता मैनेजर सिंह मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज भाटपार रानी से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हो गए थे। रत्नेश बेरोजगार था और घर पर ही रहता था। दोनों युवकों की असमय मौत से पूरा गांव स्तब्ध है।
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