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ठेकेदार ने तोड़कर छोड़ा शहीद स्मारक
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:28 PM IST
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सुंदरीकरण के नाम पर ठेकेदार एक माह से शहीद स्मारक उखाड़ कर छोड़ दिया है। तहसील में आने-जाने वाले सभी लोग शहीद स्मारक की यह दुर्दशा को देख प्रशासन को कोस रहे हैं। इसके अलावा तहसील में इंटर लाकिंग और भवनों के मरम्मत के नाम पर भी लूट खसोट किया गया है। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है।
तहसील के जर्जर भवनों और इंटर लाकिंग का कार्य करीब 39.70 लाख की लागत से कराया जा रहा है। तहसील गेट पर बने शहीदों के स्मारक की मरम्मत कराने के लिए ठेकेदार उखाड़ कर छोड़ दिया है। शहीदों के सम्मान में बनाए गए स्मारक का अपमान को देख तहसील गेट से गुजरने वाले शख्स अफसरों पर टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं पूर्व अध्यक्ष परमानंद यादव ने राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र शिनवार को एसडीएम राजेश तिवारी को दिया।
इसमें कहा है कि ठेकेदार तहसील के भवनों और सुंदरीकरण के नाम पर लूट खसोट कर रहा है। जान कर भी तहसील के अफसर ठेकेदारों पर शिकंजा नहीं कस रहे हैं। उन्होंने मरम्मत कार्यों की जांच कराने और मरम्मत के लिए खर्च हुए धनराशि की व्योरा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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तहसील के जर्जर भवनों और इंटर लाकिंग का कार्य करीब 39.70 लाख की लागत से कराया जा रहा है। तहसील गेट पर बने शहीदों के स्मारक की मरम्मत कराने के लिए ठेकेदार उखाड़ कर छोड़ दिया है। शहीदों के सम्मान में बनाए गए स्मारक का अपमान को देख तहसील गेट से गुजरने वाले शख्स अफसरों पर टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं पूर्व अध्यक्ष परमानंद यादव ने राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र शिनवार को एसडीएम राजेश तिवारी को दिया।
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इसमें कहा है कि ठेकेदार तहसील के भवनों और सुंदरीकरण के नाम पर लूट खसोट कर रहा है। जान कर भी तहसील के अफसर ठेकेदारों पर शिकंजा नहीं कस रहे हैं। उन्होंने मरम्मत कार्यों की जांच कराने और मरम्मत के लिए खर्च हुए धनराशि की व्योरा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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