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कन्या पूजन के बीच घर-घर ‘जन्मे’ श्रीराम
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:47 PM IST
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रुद्रपुर में देवी मंदिर में पूरे दिन भक्तों की कतार लगी रही।
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार को हवन-पूजन, कन्या भोज के साथ ही नवरात्र की समाप्ति हो गई। नौ दिन व्रत रखने वाले कुछ लोगों ने पारण कर लिया, लेकिन कुछ लोग शनिवार को व्रत समाप्त करेंगे। वहीं, जिले के सभी दुर्गा मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रही।
इस बार नवरात्र आठ दिन का था। पिछले शुक्रवार से शुरू हुआ नवरात्र इस शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रथम और अष्टमी व्रत रखने वाले लोग वृहस्पतिवार को व्रत रखे थे। इसी रात में जागरण कर महिलाओं ने घरों में नवमी पूजन किया गया।
मंदिरों पर भीड़ रही। शुक्रवार को हवन-पूजन कराने के लिए भक्तों की भीड़ दुर्गा मंदिरों पर रही। लोगों ने घरों में नौ दुर्गा के रूप में नौ कन्याओं को भोजन कराया। दान देकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं श्री रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में राम जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। रात के ठीक 12 बजे जैसे ही प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। समिति की ओर से महाप्रसाद का वितरण कराया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अरूण कुमार बरनवाल, कमलेश कुमार मित्तल, सुभाष मद्धेशिया, हीरालाल वर्मा, राजेंद्र जायसवाल, मन्नन प्रसाद, बंशीलाल बरनवाल, हरीनाथ प्रसाद, कंचन बरनवाल, अवधेश गुप्ता, राजकुमार, अवधेश आदि मौजूद रहे।
रुद्रपुर प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र के अंतिम दिन क्षेत्र के देवी मंदिरों पर पूजा अर्चन करने को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शाम को राम नवमी के अवसर पर घर-घर में राम जन्मोत्सव मनाया गया। घर-मंदिर भए प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी की सुमधुर ध्वनि से गूंज उठे।
शुक्रवार की सुबह से ही करमेल बनरही देवी मंदिर, सहनकोट देवी, शीतला माता मंदिर, पहाड़सिंह देवी मंदिर और तिवई स्थित परमसुंदरी देवी मंदिर पर पूजा करने को भक्त उमड़ने लगे। भक्तों नारियल, चुनरी चढ़ाकर पूजा की। करमेल देवी मंदिर पर भक्तों ने खप्पर, कढ़ाई चढ़ा कर लोगों में प्रसाद बांटा।
तिवई मंदिर पर परंपरागत मेले का आयोजन हुआ। क्षेत्र जवार से जुटे लोगों ने पूजा अर्चन किया। अधिकांश घरों में कन्या पूजन करने के बाद लोगों में प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने राम जन्मोत्सव पर कई प्रकार के पकवान बना कर प्रसाद चढ़ाया। मंदिरों पर आरती के समय भक्तों ने जय माता दी के जयकारे लगाए।
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इस बार नवरात्र आठ दिन का था। पिछले शुक्रवार से शुरू हुआ नवरात्र इस शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रथम और अष्टमी व्रत रखने वाले लोग वृहस्पतिवार को व्रत रखे थे। इसी रात में जागरण कर महिलाओं ने घरों में नवमी पूजन किया गया।
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मंदिरों पर भीड़ रही। शुक्रवार को हवन-पूजन कराने के लिए भक्तों की भीड़ दुर्गा मंदिरों पर रही। लोगों ने घरों में नौ दुर्गा के रूप में नौ कन्याओं को भोजन कराया। दान देकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं श्री रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में राम जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। रात के ठीक 12 बजे जैसे ही प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। समिति की ओर से महाप्रसाद का वितरण कराया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अरूण कुमार बरनवाल, कमलेश कुमार मित्तल, सुभाष मद्धेशिया, हीरालाल वर्मा, राजेंद्र जायसवाल, मन्नन प्रसाद, बंशीलाल बरनवाल, हरीनाथ प्रसाद, कंचन बरनवाल, अवधेश गुप्ता, राजकुमार, अवधेश आदि मौजूद रहे।
रुद्रपुर प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र के अंतिम दिन क्षेत्र के देवी मंदिरों पर पूजा अर्चन करने को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शाम को राम नवमी के अवसर पर घर-घर में राम जन्मोत्सव मनाया गया। घर-मंदिर भए प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी की सुमधुर ध्वनि से गूंज उठे।
शुक्रवार की सुबह से ही करमेल बनरही देवी मंदिर, सहनकोट देवी, शीतला माता मंदिर, पहाड़सिंह देवी मंदिर और तिवई स्थित परमसुंदरी देवी मंदिर पर पूजा करने को भक्त उमड़ने लगे। भक्तों नारियल, चुनरी चढ़ाकर पूजा की। करमेल देवी मंदिर पर भक्तों ने खप्पर, कढ़ाई चढ़ा कर लोगों में प्रसाद बांटा।
तिवई मंदिर पर परंपरागत मेले का आयोजन हुआ। क्षेत्र जवार से जुटे लोगों ने पूजा अर्चन किया। अधिकांश घरों में कन्या पूजन करने के बाद लोगों में प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने राम जन्मोत्सव पर कई प्रकार के पकवान बना कर प्रसाद चढ़ाया। मंदिरों पर आरती के समय भक्तों ने जय माता दी के जयकारे लगाए।