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डूबे दो युवकों का शव तीसरे दिन मिला
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Apr 2017 10:51 PM IST
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रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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सरयू नदी में डूबे तीन युवकों की तलाश में जुटी पुलिस टीम और गोताखोरों को तीसरे दिन सुबह सफलता मिल गई। पीपा पुल के रस्सी और रेत में फंसे दो शव देखे जाने की बात जंगल की आग की तरह फैल गई। इसमें एक की पहचान निरोही और दूसरे की अर्जुन के रुप में हुई। विशुनपुर गांव के लोग निरोही का शव लेकर तीन घंटे तक प्रदर्शन किए। गांववाले जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
21 अप्रैल शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे मुखबिर की सूचना पर बरहज पुलिस विशुनपुर देवार की दलित बस्ती में कच्ची शराब के ठिकानों पर छापेमारी की थी। लोगों का कहना है कि पुलिस को देख कच्ची कारोबारी तो भाग लिए। लेकिन पुलिस के दौड़ाने पर भैंस चरा रहे विशुनपुर देवार के जरलहवा टोला निवासी सुरेन्द्र उर्फ निरोही पुत्र किशुन यादव, खेत में काम कर रहे सीताराम, रामाश्रय और इंद्रजीत सरयू में कूद गए। जिसमें निरोही डूब गया था। वहीं मुक्तिपथ पर दाह-संस्कार में आए अभिनव और अर्जुन डूब गए थे। रविवार की सुबह निरोही का शव मिलने पर सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे विरोध प्रदर्शन करने लगे। माहौल बिगड़ता देख तीन थानों की पुलिस सहित आजमगढ़ 20 बटालियन और गोरखपुर 26 बटालियान की एक-एक प्लाटून पीएसी बुला ली गई। मौके पर उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी ब्रजराज सिंह, तहसीलदार वंशराज राम के समझाने के बाद ग्रामीण मानें। एसएचओ प्रदीप शर्मा ने शवों का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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21 अप्रैल शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे मुखबिर की सूचना पर बरहज पुलिस विशुनपुर देवार की दलित बस्ती में कच्ची शराब के ठिकानों पर छापेमारी की थी। लोगों का कहना है कि पुलिस को देख कच्ची कारोबारी तो भाग लिए। लेकिन पुलिस के दौड़ाने पर भैंस चरा रहे विशुनपुर देवार के जरलहवा टोला निवासी सुरेन्द्र उर्फ निरोही पुत्र किशुन यादव, खेत में काम कर रहे सीताराम, रामाश्रय और इंद्रजीत सरयू में कूद गए। जिसमें निरोही डूब गया था। वहीं मुक्तिपथ पर दाह-संस्कार में आए अभिनव और अर्जुन डूब गए थे। रविवार की सुबह निरोही का शव मिलने पर सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे विरोध प्रदर्शन करने लगे। माहौल बिगड़ता देख तीन थानों की पुलिस सहित आजमगढ़ 20 बटालियन और गोरखपुर 26 बटालियान की एक-एक प्लाटून पीएसी बुला ली गई। मौके पर उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी ब्रजराज सिंह, तहसीलदार वंशराज राम के समझाने के बाद ग्रामीण मानें। एसएचओ प्रदीप शर्मा ने शवों का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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