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देवरिया सदर समेत पांच विधानसभा सीटों के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित
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देवरिया सदर समेत पांच विधानसभा सीटों के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पथरदेवा, सुरेंद्र चौरसिया को रामपुर कारखाना, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद को रुद्रपुर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को देवरिया सदर और दीपक मिश्र शाका को बरहज से मिला टिकट
देवरिया। भाजपा ने शुक्रवार को पांच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पथरदेवा, सुरेंद्र चौरसिया को रामपुर कारखाना, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद को रुद्रपुर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को देवरिया सदर और दीपक मिश्र शाका को बरहज से प्रत्याशी बनाया गया है। उधर, तीन वर्तमान विधायकों का टिकट कटने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
वर्ष 2017 के चुनाव में जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में छह पर भाजपा ने परचम लहराया था। एक सीट सपा की झोली में गई थी। इस बार भाजपा ने अपने दो दिग्गजों सूर्यप्रताप शाही और जयप्रकाश निषाद पर फिर भरोसा जताया है। रामपुर कारखाना से सुरेंद्र चौरसिया को प्रत्याशी बनाया गया है। सुरेंद्र चौरसिया जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और हियुवा से जुड़े हैं। देवरिया सदर से पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है। शलभ मणि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रह चुके हैं। बरहज से भाजपा ने पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद मिश्र के बड़े पुत्र दीपक मिश्र शाका पर भरोसा जताया है। शाका लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उनके पिता स्व. दुर्गा प्रसाद मिश्र भाजपा के कद्दावर नेताओं में से एक थे। रुद्रपुर से प्रत्याशी बनाए गए जयप्रकाश निषाद तीन बार विधायक रह चुके हैं। पथरदेवा से प्रत्याशी बनाए गए सूर्यप्रताप शाही कसया से चार बार विधायक रह चुके हैं। पथरदेवा नई विधानसभा सृजित होने के बाद वर्ष 2012 में चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा का परचम लहराया था।
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मंत्रियों को क्लीन चिट, तीन विधायकों का काटा टिकट
देवरिया। भाजपा ने अपने दो मंत्रियों पर इस बार भी भरोसा जताया है। जबकि तीन विधायकों का टिकट काट दिया है। उपचुनाव में भाजपा का परचम लहराने वाले डॉ. सत्यप्रकाश मणि का टिकट क्यों कटा? इस पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ल बीमार रहने की वजह से अपने पुत्र डा. संजीव शुक्ल को चुनाव लड़ाना चाहते थे, वहीं बरहज विधायक सुरेश तिवारी अपने कारोबारी पुत्र संजय तिवारी को देवरिया सदर से चुनाव लड़ाना चाहते थे। लेकिन, दोनों विधायक अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पथरदेवा, सुरेंद्र चौरसिया को रामपुर कारखाना, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद को रुद्रपुर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को देवरिया सदर और दीपक मिश्र शाका को बरहज से मिला टिकट
देवरिया। भाजपा ने शुक्रवार को पांच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पथरदेवा, सुरेंद्र चौरसिया को रामपुर कारखाना, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद को रुद्रपुर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को देवरिया सदर और दीपक मिश्र शाका को बरहज से प्रत्याशी बनाया गया है। उधर, तीन वर्तमान विधायकों का टिकट कटने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
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वर्ष 2017 के चुनाव में जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में छह पर भाजपा ने परचम लहराया था। एक सीट सपा की झोली में गई थी। इस बार भाजपा ने अपने दो दिग्गजों सूर्यप्रताप शाही और जयप्रकाश निषाद पर फिर भरोसा जताया है। रामपुर कारखाना से सुरेंद्र चौरसिया को प्रत्याशी बनाया गया है। सुरेंद्र चौरसिया जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और हियुवा से जुड़े हैं। देवरिया सदर से पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है। शलभ मणि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रह चुके हैं। बरहज से भाजपा ने पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद मिश्र के बड़े पुत्र दीपक मिश्र शाका पर भरोसा जताया है। शाका लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उनके पिता स्व. दुर्गा प्रसाद मिश्र भाजपा के कद्दावर नेताओं में से एक थे। रुद्रपुर से प्रत्याशी बनाए गए जयप्रकाश निषाद तीन बार विधायक रह चुके हैं। पथरदेवा से प्रत्याशी बनाए गए सूर्यप्रताप शाही कसया से चार बार विधायक रह चुके हैं। पथरदेवा नई विधानसभा सृजित होने के बाद वर्ष 2012 में चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा का परचम लहराया था।
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मंत्रियों को क्लीन चिट, तीन विधायकों का काटा टिकट
देवरिया। भाजपा ने अपने दो मंत्रियों पर इस बार भी भरोसा जताया है। जबकि तीन विधायकों का टिकट काट दिया है। उपचुनाव में भाजपा का परचम लहराने वाले डॉ. सत्यप्रकाश मणि का टिकट क्यों कटा? इस पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ल बीमार रहने की वजह से अपने पुत्र डा. संजीव शुक्ल को चुनाव लड़ाना चाहते थे, वहीं बरहज विधायक सुरेश तिवारी अपने कारोबारी पुत्र संजय तिवारी को देवरिया सदर से चुनाव लड़ाना चाहते थे। लेकिन, दोनों विधायक अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।