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भटनी क्षेत्र के दो प्रिंसिपल निलंबित
देवरिया
Updated Sat, 27 Aug 2016 10:52 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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देवरिया। निरीक्षण में अनुपस्थित मिले भटनी इलाके के दो प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। वहीं, तीन शिक्षकों का वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दिया गया। विद्यालयों में छात्र संख्या कम देखकर बीएसए ने नाराजगी जताई। सभी को निर्देश दिया कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उनका ठहराव भी स्कूल में सुनिश्चित कराया जाए।
बीएसए राजीव कुमार यादव शनिवार को भटनी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दनउर पहुंचे। यहां सहायक अध्यापक रीता सिंह उपस्थित मिलीं। प्रधानाध्यापक शकुंतला त्रिपाठी बिना बताए अनुपस्थित थीं। सभी जरूरी कागजात उन्होंने आलमारी में बंद कर रखे थे। यहां 106 नामांकित बच्चों में से मात्र 18 उपस्थित थे। इस पर बीएसए ने उन्हें निलंबित कर दिया। यहीं प्राथमिक विद्यालय पर सहायक अध्यापक इंद्रावती देवी, रजनीश सिंह और अनुुराधा सिंह उपस्थित थीं।
115 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 50 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक घनश्याम तिवारी बिना सूचना अनुपस्थित थे। इनको भी निलंबित कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय सकरापार में सभी अध्यापक उपस्थित मिले।
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कुल नामांकित 215 बच्चों में से 130 उपस्थित रहे। विद्यालय की स्थिति ठीक नहीं थी। प्राथमिक विद्यालय देवघाट पर सहायक अध्यापक रीता मणि त्रिपाठी अनुपस्थित रहीं। यहां की स्थिति खराब देखकर बीएसए ने प्रधानाध्यापक वीरेंद्र यादव का दो वार्षिक वेतन वृद्धि बाधित कर दी। प्राथमिक विद्यालय राजभर टोला पर दोनों अध्यापक उपस्थित रहे।
प्राथमिक विद्यालय सिंगहीडीह में सभी अध्यापक उपस्थित रहे। नामांकित 168 बच्चों के सापेक्ष 68 छात्र मौजूद थे। जबकि अन्य दिनों में बच्चों की संख्या अधिक दिखाई गई थी।
इसे गंभीर मामला मानते हुए प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी गई। बनकटा मिश्र की व्यवस्था देखकर प्रधानाध्यापक बच्ची मिश्र और सहायक अध्यापक मोहम्मद दाउद खां का दो वार्षिक वेतन वृद्धि बाधित कर दिया गया। सलेमपुर के पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय मल्हना में सभी अध्यापक उपस्थित रहे। छत्रपुरा में 121 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 48 बच्चे उपस्थित रहे। इस पर प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी गई।
प्राथमिक विद्यालय बड़का टोला, भगड़ा भवानी धूस, मटियरा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझौलीराज सभी अध्यापक उपस्थित मिले, लेकिन यहां बच्चों की संख्या काफी कम रही। इस पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए सभी से बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
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बीएसए राजीव कुमार यादव शनिवार को भटनी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दनउर पहुंचे। यहां सहायक अध्यापक रीता सिंह उपस्थित मिलीं। प्रधानाध्यापक शकुंतला त्रिपाठी बिना बताए अनुपस्थित थीं। सभी जरूरी कागजात उन्होंने आलमारी में बंद कर रखे थे। यहां 106 नामांकित बच्चों में से मात्र 18 उपस्थित थे। इस पर बीएसए ने उन्हें निलंबित कर दिया। यहीं प्राथमिक विद्यालय पर सहायक अध्यापक इंद्रावती देवी, रजनीश सिंह और अनुुराधा सिंह उपस्थित थीं।
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115 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 50 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक घनश्याम तिवारी बिना सूचना अनुपस्थित थे। इनको भी निलंबित कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय सकरापार में सभी अध्यापक उपस्थित मिले।
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कुल नामांकित 215 बच्चों में से 130 उपस्थित रहे। विद्यालय की स्थिति ठीक नहीं थी। प्राथमिक विद्यालय देवघाट पर सहायक अध्यापक रीता मणि त्रिपाठी अनुपस्थित रहीं। यहां की स्थिति खराब देखकर बीएसए ने प्रधानाध्यापक वीरेंद्र यादव का दो वार्षिक वेतन वृद्धि बाधित कर दी। प्राथमिक विद्यालय राजभर टोला पर दोनों अध्यापक उपस्थित रहे।
प्राथमिक विद्यालय सिंगहीडीह में सभी अध्यापक उपस्थित रहे। नामांकित 168 बच्चों के सापेक्ष 68 छात्र मौजूद थे। जबकि अन्य दिनों में बच्चों की संख्या अधिक दिखाई गई थी।
इसे गंभीर मामला मानते हुए प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी गई। बनकटा मिश्र की व्यवस्था देखकर प्रधानाध्यापक बच्ची मिश्र और सहायक अध्यापक मोहम्मद दाउद खां का दो वार्षिक वेतन वृद्धि बाधित कर दिया गया। सलेमपुर के पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय मल्हना में सभी अध्यापक उपस्थित रहे। छत्रपुरा में 121 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 48 बच्चे उपस्थित रहे। इस पर प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी गई।
प्राथमिक विद्यालय बड़का टोला, भगड़ा भवानी धूस, मटियरा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझौलीराज सभी अध्यापक उपस्थित मिले, लेकिन यहां बच्चों की संख्या काफी कम रही। इस पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए सभी से बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।