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Deoria News: एक साल में चार करोड़ से भी सही नहीं हो पाया भागलपुर पुल
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भागलपुर पूल ।संवाद
- फोटो : DEORIA
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एक साल में चार करोड़ से भी सही नहीं हो पाया भागलपुर पुल
एक साल से बंद है भारी वाहनों की आवाजाही, क्षेत्रीय जनता को हो रही परेशानी
साल 2001 में पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था पुल का लोकार्पण
10 साल बाद पुल की ज्वाइंट में पड़ीं दरारें, मरम्मत के बाद भी सुधार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पिछले एक साल से सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल की मरम्मत की जा रही है, लेकिन इसे भारी वाहनों के लिए नहीं खोला जा सका है। कई जनपदों को जोड़ने वाले इस पुल को दुरुस्त करने का बजट चार करोड़ रुपये है। अब सेतु निगम का कहना है कि दोबारा से इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। भारी वाहनों का आवागमन शुरू नहीं होने से क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी है।
बिहार और पूर्वांचल को मध्य भारत से जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल का शुभारंभ दिसंबर 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। उद्घाटन के दस साल बाद पुल के ज्वाइंट में दरारें आ गईं। सेतु निगम ने मरम्मत कराई, लेकिन तीन साल बाद पुल दोबारा से क्षतिग्रस्त हो गया और महीनों तक आवागमन बंद करके फिर मरम्मत की गई।
सात साल बाद साल 2021 में पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया। सेतु निगम के अधिकारियों ने चार करोड़ रुपये की लागत से मुंबई की कंपनी से मरम्मत कार्य शुरू कराया। आठ माह बाद भारी वाहनों का आवागमन शुरू हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद ही पुल के छठवें और सातवें पाये की ज्वाइंट की दरार एक फीट तक बढ़ गई। इसके बाद पुल से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। फिर पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। रैना ने भारी वाहनों का आवागमन बंद कर छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया। तभी से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इस वजह से क्षेत्र की जनता परेशान है।
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...
पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। भारी वाहन नहीं आ जा सकते। हल्के वाहन आ जा रहे हैं। हालांकि, फोरलेन के लिए अलग से पुल बनाया जाएगा, लेकिन उसके बनने में समय लगेगा।
- रविंद्र कुशवाहा, सांसद सलेमपुर
.....
एक साल से पुल की मरम्मत हो रही है, लेकिन भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इससे सैकड़ों गांवों के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। डबल इंजन की सरकार है फिर भी पुल बेहाल है। पुल जल्द ठीक नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे।
- रमाशंकर विद्यार्थी, राष्ट्रीय महासचिव सपा
...
दिल्ली से आई विशेषज्ञों की टीम ने जांच के बाद रिपोर्ट सेेतु निगम को सौंपी है। पुल की मरम्मत का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। उसके बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
- आरपी गौड़, अपर अभियंता सेतु निगम
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एक साल से बंद है भारी वाहनों की आवाजाही, क्षेत्रीय जनता को हो रही परेशानी
साल 2001 में पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था पुल का लोकार्पण
10 साल बाद पुल की ज्वाइंट में पड़ीं दरारें, मरम्मत के बाद भी सुधार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पिछले एक साल से सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल की मरम्मत की जा रही है, लेकिन इसे भारी वाहनों के लिए नहीं खोला जा सका है। कई जनपदों को जोड़ने वाले इस पुल को दुरुस्त करने का बजट चार करोड़ रुपये है। अब सेतु निगम का कहना है कि दोबारा से इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। भारी वाहनों का आवागमन शुरू नहीं होने से क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी है।
बिहार और पूर्वांचल को मध्य भारत से जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल का शुभारंभ दिसंबर 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। उद्घाटन के दस साल बाद पुल के ज्वाइंट में दरारें आ गईं। सेतु निगम ने मरम्मत कराई, लेकिन तीन साल बाद पुल दोबारा से क्षतिग्रस्त हो गया और महीनों तक आवागमन बंद करके फिर मरम्मत की गई।
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सात साल बाद साल 2021 में पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया। सेतु निगम के अधिकारियों ने चार करोड़ रुपये की लागत से मुंबई की कंपनी से मरम्मत कार्य शुरू कराया। आठ माह बाद भारी वाहनों का आवागमन शुरू हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद ही पुल के छठवें और सातवें पाये की ज्वाइंट की दरार एक फीट तक बढ़ गई। इसके बाद पुल से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। फिर पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। रैना ने भारी वाहनों का आवागमन बंद कर छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया। तभी से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इस वजह से क्षेत्र की जनता परेशान है।
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पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। भारी वाहन नहीं आ जा सकते। हल्के वाहन आ जा रहे हैं। हालांकि, फोरलेन के लिए अलग से पुल बनाया जाएगा, लेकिन उसके बनने में समय लगेगा।
- रविंद्र कुशवाहा, सांसद सलेमपुर
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एक साल से पुल की मरम्मत हो रही है, लेकिन भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इससे सैकड़ों गांवों के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। डबल इंजन की सरकार है फिर भी पुल बेहाल है। पुल जल्द ठीक नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे।
- रमाशंकर विद्यार्थी, राष्ट्रीय महासचिव सपा
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दिल्ली से आई विशेषज्ञों की टीम ने जांच के बाद रिपोर्ट सेेतु निगम को सौंपी है। पुल की मरम्मत का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। उसके बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
- आरपी गौड़, अपर अभियंता सेतु निगम