फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Be cautious while drinking bottled water, you will not fall ill

Deoria News: बोतल बंद पानी पीने में बरतें सतर्कता, नहीं हो जाएंगे बीमार

Thu, 29 May 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 29 May 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
Be cautious while drinking bottled water, you will not fall ill
बोतल बंद पानी में इकोलाई नाम की बैक्टीरिया से लोग हो रहे संक्रमित, लोकल कंपनियां टीडीएस कम बोतल में भर रहीं पानी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी में गला बार-बार सूख जाता है। हम कहीं बाहर निकलते हैं या किसी काम से गए हों तो तुरंत बोतल बंद पानी खरीद कर प्यास बुझा लेते हैं। हमें लगता है बोतल बंद पानी शुद्ध है। इससे स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा, मगर अब सावधान हो जाइए। क्योंकि बंद बोतल का पानी पीने से भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यूपी के कई शहरों में बोतल बंद पानी की जांच के दौरान इकोलाई बैक्टीरिया पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद जिले की खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न पानी के प्लांटों से छह नमूने जांच के लिए भेजा था। प्रयोगशाला की जांच में सभी नमूने पास हो गए।
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी इसे हानिकारक मानते हुए बोतल बंद पानी को उच्च जोखिम वाली कैटेगरी में रखा है। बीआरडी पीजी काॅलेज के रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमरनाथ ने बताया कि बाजार में बिना जांच के पानी की बंद बोतलें बेची जा रही हैं, जिनमें से सारे मिनरल्स निकाल लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण इकाई पानी कहां से भरती हैं, यह सबसे बड़ा सवाल है। यदि वह नदी के आसपास के क्षेत्रों में स्थित हैं तो वहां के पानी में माइक्रो बैक्टीरिया ज्यादा होता है।
विज्ञापन

निर्माण इकाइयां यदि टीडीएस बढ़ा होता है तो उसका टीडीएस कम कर देती हैं, मगर बड़ी कंपनियां टीडीएस संतुलित करने के बाद उस पानी को यूवी चैंबर से गुजारती है। यूवी चैंबर से गुजरते समय हाई टेम्परेचर फ्रीक्वेंसी से पानी में मौजूद माइक्रो बैक्टीरिया नष्ट हो जाती हैं। इसके बाद यह पानी पीने योग्य हो जाता है। यूवी चैंबर महंगा हाेने के कारण लोकल कंपनियां यूवी चैंबर न लगाकर केवल टीडीएस कम करके पानी को बोतल और पाउच में पैक कर बाजार में उतार देती हैं। यही पानी पीने से लोगों की सेहत खराब हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

..
भाटपार रानी में सील हो चुकी है वाटर इकाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दो मई को भाटपार रानी में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण इकाई पर छापा मारा था। जांचोपरांत टीम ने इकाई को सील कर दिया था। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित इकाई बिना वैध लाइसेंस के जल वेग ब्रांड नाम से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का निर्माण कर रही थी। मौके से ब्रांड का एक नमूना संग्रहित किया गया और विनिर्माण इकाई में रखे 1022 लीटर तैयार पैकेज्ड पानी को जब्त कर लिया गया। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 12,300 रुपये आंकी गई है। प्रवर्तन दल ने इकाई में लगी मशीनों को सील कर उत्पादन कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है।
..
क्या है इकोलाई बैक्टीरिया

बीआरडी पीजी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. हरिशंकर गोविंद राव ने बताया कि इकोलाई एक बैक्टीरिया है। यह पानी के अलावा मानव और पशुओं के आंत में पाया जाता है। इसकी अधिक मात्रा सेहत के लिए ठीक नहींं है। बोतलबंद पानी ज्यादा पुराना हो गया हो तो यह इसमें भी हो सकता है। पैथाेलाॅजी में कल्चर कर इसकी जांच की जाती है। अगर ऐसा पानी पी लेते हैं तो यह आंत की परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इस वजह से पेट में ऐंठन, उल्टी, खूनी दस्त की शिकायत हो सकती है।

..

वर्जन
मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद पैकेज्ड बंद बोतल पानी के जिले में छह जगहों से नमूने लिए गए हैं। लैब की जांच रिपोर्ट में नमूने पास हो गए हैं। विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर बोतल बंद पानी का नमूना लेता रहता है और उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज देता है।
-विनय कुमार सहाय, सहायक आयुक्त खाद्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed