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Deoria News: बीसी सखियों ने भरी हुंकार
Wed, 22 Apr 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:12 AM IST
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देवरिया। बीसी सखी महिलाओं ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को विकास भवन में प्रदर्शन किया। उन्होंने मानदेय वृद्धि समेत सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। प्रदर्शन का आयोजन विशिष्ट करस्पोंडेंट महिला उत्थान समिति ने किया। बीसी सखियों ने कहाकि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बीसी सखियों ने कहाकि नियमित मानदेय और संविदा का दर्जा दिया जाए। सखियों ने रुके हुए मानदेय के भुगतान के साथ ही प्रति माह 20,000 रुपये नियमित मानदेय सरकार प्रदान करे।
उन्होंने कहाकि योजना की शुरुआत में दिए गए 75,000 रुपये के कर्ज को माफ किया जाए। इसको चुकाने में बीसी सखी महिलाएं असमर्थ हैं। बीसी सखियों ने सखियों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ने और 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने की मांग की। राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़ने के शासनादेश को तत्काल प्रभावी रूप से लागू करने और बैंक कमीशन में होने वाली कटौती को रोकने की मांग की गई है।
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साथ ही आय बढ़ाने के उद्देश्य से महिलाओं ने आधार संशोधन जैसे कार्यों को भी बीसी सखियों को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। मांग पत्र में सखियों ने कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों तक पहुंचाती हैं। उनके बिना ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था ठप हो सकती है।
विशिष्ट करस्पोंडेंट महिला उत्थान समिति की सदस्य आरती देवी ने कहाकि मांगों को लेकर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है।
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बीसी सखियों ने कहाकि नियमित मानदेय और संविदा का दर्जा दिया जाए। सखियों ने रुके हुए मानदेय के भुगतान के साथ ही प्रति माह 20,000 रुपये नियमित मानदेय सरकार प्रदान करे।
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उन्होंने कहाकि योजना की शुरुआत में दिए गए 75,000 रुपये के कर्ज को माफ किया जाए। इसको चुकाने में बीसी सखी महिलाएं असमर्थ हैं। बीसी सखियों ने सखियों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ने और 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने की मांग की। राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़ने के शासनादेश को तत्काल प्रभावी रूप से लागू करने और बैंक कमीशन में होने वाली कटौती को रोकने की मांग की गई है।
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साथ ही आय बढ़ाने के उद्देश्य से महिलाओं ने आधार संशोधन जैसे कार्यों को भी बीसी सखियों को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। मांग पत्र में सखियों ने कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों तक पहुंचाती हैं। उनके बिना ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था ठप हो सकती है।
विशिष्ट करस्पोंडेंट महिला उत्थान समिति की सदस्य आरती देवी ने कहाकि मांगों को लेकर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है।