{"_id":"609abf7b8ebc3ed20342d534","slug":"baida-became-corona-red-jone-deoria-news-gkp394303586","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का रेड जोन बना बैदा गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का रेड जोन बना बैदा गांव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना का रेड जोन बना बैदा गांव
70 लोगों में मिला कोरोना का लक्षण, 13 की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमितों की ताबड़तोड़ हो रही मौत और तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से बैदा गांव में कोहराम मचा है। यहां सांस उखड़ने से 13 लोगों की मौत हो गई। सोमवार की रात गांव के एक लोकतंत्र रक्षक सेनानी का निधन हो गया। व्यापक पैमाने पर संक्रमण फैलने से गांव को सील कर स्वास्थ्य विभाग की पांच टीम लगाकर डोर-टू-डोर सर्वे कराया जा रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एलबी चौधरी के नेतृत्व में विभाग की पांच टीमों ने डोर-टू-डोर सर्वे किया। इस दौरान 587 घरों में बीमार लोगों की जांच की गई। जांच के दौरान 70 लोगों में बीमारी के लक्षण पाए गए। लक्षणयुक्त लोगों के संपर्क में आए 494 परिवारजनों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 284 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के लिए नमूने लिए। वहीं, 295 लोगों में दवा वितरित की गई। गांव में बीमारी का प्रसार तेजी से फैलने के कारण गांव को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पंचायत विभाग की टीम पूरे गांव का सैनिटाइजेशन करा रही है। संक्रमण तेजी से फैलने से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश और गांव के लोगों के निकलने पर पाबंदी लगा दी है। गांव के चारों तरफ पुलिस फोर्स लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम में पर्यवेक्षक विकास कुमार, सुरेंद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता, सबरे आलम, वीके त्रिपाठी, चंदन मधुकर, डॉ. राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव ने कहा कि बैदा गांव को विशेष निगरानी जोन में रखा गया है। यहां निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दोआबा में मौतों से दहशत में ग्रामीण
एकौना। कोरोना संक्रमण के दौरान दोआबा के कई गांवों में तेजी से लोग मर रहे हैं। गांव से हर दिन निकल रहे शवों से ग्रामीणों में दहशत बनी है। क्षेत्र के तिघरा खैरवा, एकौना, पचलड़ी, पचरूखा, गाजीपुर भैंसही आदि गांवों में एक सप्ताह में दस से अधिक मौत होने से लोगों में भय है। तिघरा के प्रधान बीर बहादुर यादव ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच कराने की मांग की। गांव में एहतियात के तौर पर छिड़काव कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
70 लोगों में मिला कोरोना का लक्षण, 13 की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमितों की ताबड़तोड़ हो रही मौत और तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से बैदा गांव में कोहराम मचा है। यहां सांस उखड़ने से 13 लोगों की मौत हो गई। सोमवार की रात गांव के एक लोकतंत्र रक्षक सेनानी का निधन हो गया। व्यापक पैमाने पर संक्रमण फैलने से गांव को सील कर स्वास्थ्य विभाग की पांच टीम लगाकर डोर-टू-डोर सर्वे कराया जा रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एलबी चौधरी के नेतृत्व में विभाग की पांच टीमों ने डोर-टू-डोर सर्वे किया। इस दौरान 587 घरों में बीमार लोगों की जांच की गई। जांच के दौरान 70 लोगों में बीमारी के लक्षण पाए गए। लक्षणयुक्त लोगों के संपर्क में आए 494 परिवारजनों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 284 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के लिए नमूने लिए। वहीं, 295 लोगों में दवा वितरित की गई। गांव में बीमारी का प्रसार तेजी से फैलने के कारण गांव को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पंचायत विभाग की टीम पूरे गांव का सैनिटाइजेशन करा रही है। संक्रमण तेजी से फैलने से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश और गांव के लोगों के निकलने पर पाबंदी लगा दी है। गांव के चारों तरफ पुलिस फोर्स लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम में पर्यवेक्षक विकास कुमार, सुरेंद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता, सबरे आलम, वीके त्रिपाठी, चंदन मधुकर, डॉ. राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव ने कहा कि बैदा गांव को विशेष निगरानी जोन में रखा गया है। यहां निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
दोआबा में मौतों से दहशत में ग्रामीण
एकौना। कोरोना संक्रमण के दौरान दोआबा के कई गांवों में तेजी से लोग मर रहे हैं। गांव से हर दिन निकल रहे शवों से ग्रामीणों में दहशत बनी है। क्षेत्र के तिघरा खैरवा, एकौना, पचलड़ी, पचरूखा, गाजीपुर भैंसही आदि गांवों में एक सप्ताह में दस से अधिक मौत होने से लोगों में भय है। तिघरा के प्रधान बीर बहादुर यादव ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच कराने की मांग की। गांव में एहतियात के तौर पर छिड़काव कराया जा रहा है।
विज्ञापन