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दबिश देने गई पुलिस पर हमला, आरोपी को छुड़ाया
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 11:10 PM IST
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थानेदार की गाड़ी का शीशा तोड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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मारपीट, तोड़फोड़ के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर नाराज लोगों ने हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने थानेदार की गाड़ी का शीशा तोड़ा दिया और आरोपी को गाड़ी से खिंच ले गए। अचानक हुए हमले में खाकी वाले खौफजदा हो गए। मौके पर दरोगा सहित कई पुलिस वाले फजीहत होते खिसक लिए। तैयारी के साथ दोबारा गांव में पहुंची पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया। थानेदार की तहरीर पर 13 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। गांव में विवाद की वजह चुनावी रंजिश और होली का त्योहार बताया जा रहा है।
खुखुंदूू थाना के शेरवा बभनौली टोला डुमरिया निवासी राम ध्यान टेंपो चालक है। रविवार की सुबह वह खुखुंदू चौराहे पर टेंपो लेकर गए थे। आरोप है कि गांव के पूर्व प्रधान का बेटा राजन यादव ने टेंपो चालक की चौराहे पर पिटाई कर दी। गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। टेंपो चालक ने इस बात की जानकारी गांव में अपने लोगों को दी। दूसरे तरफ के लोग भी गोलबंद हुए और पूर्व प्रधान के भाई रविंद्र यादव की पिटाई कर दी। दोनों तरफ से मारपीट और हंगामा की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई। थाने में तैनात एक दरोगा फोर्स के साथ डुमरिया टोला में दोनों पक्ष के लोगों को पकड़ने चले गए। गांव के लोग नाराज हो गए। आरोप है कि गांव की महिलाओं ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। पुलिस जब बैकफुट हुई तो लोगों ने पथराव कर दिया। विवाद में थाने की सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया। हिरासत में लिए गए एक आरोपी को नाराज लोग भगा ले गए। पुलिस टीम पर हमले के बाद फिर से पुलिस गांव पहुंची और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। दोनों पक्षों में विवाद की वजह विधानसभा चुनाव में वोटिंग और होली के दिन आपसी विवाद बताई जा रही है। इंस्पेक्टर, थानेदार नीतिश श्रीवास्तव ने विवाद करने वाले दोनों पक्षों से मल्खा चौहान, राम ध्यान, विजय, अजय, अमित, विशाल, रामदुलारे, छोटेलाल सहित पांच महिलाओं के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में अवरोध उत्पन्न कर पथराव, लोक संपत्ति अधिनियम, एवं सीएलए के तहत केस दर्ज कराया है। जबकि टेंपो मालिक मंकटेश्वर ने पूर्व प्रधान के बेटे राजन यादव सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया है।
थम नहीं रहा है पुलिस के पीटने का सिलसिला
विवादों से पुलिस का पुराना नाता है। आए दिन खाकी पर हो रहे हमले से पुलिस की साख गिर रही है। आमजन का विश्वास खाकी से उठ रहा है। मामूली बात पर हाथपाई जैसी घटनाएं भी पुलिस की इकबाल पर सवाल उठा रही है। रविवार को खुखुंदू में पुलिस टीम पर हमला और जीप में तोड़फोड़ ने फिर खाकी पर सवाल खड़ा कर दिया है। तीन महीने में पुलिस के साथ मारपीट की यह तीसरी घटना है।
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चार जनवरी को मदनपुर में रहमतुल्ला का शव मिलने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। नाराज लोगों ने सीओ शिंताशू कुमार, इंस्पेक्टर सहित कई पुलिसवालों की पिटाई कर दी थी। उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने के बाद आग के हवाले कर दिया। थाना फूंकने के साथ ही उपद्रवियों ने सरकारी सरकारी असलहे भी लूट लिए। मदनपुर कांड के बाद यूपी पुलिस की छवि काफी खराब हुई। कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी यूपी हिल गई थी। होली के दिन भी हुड़दंग करने वाले बाइक सवार युवकों ने दो पुलिस वालों की पिटाई कर दी। उनकी वर्दी तक फाड़ दी। पुलिस बेबस देखी रही। खुखुंदू में हुआ बवाल भी पुलिस की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाता है। करीब ढाई महीने में तीन बार पुलिसकर्मियों की पिटाई से महकमे में खलबली मची हुई है।
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खुखुंदूू थाना के शेरवा बभनौली टोला डुमरिया निवासी राम ध्यान टेंपो चालक है। रविवार की सुबह वह खुखुंदू चौराहे पर टेंपो लेकर गए थे। आरोप है कि गांव के पूर्व प्रधान का बेटा राजन यादव ने टेंपो चालक की चौराहे पर पिटाई कर दी। गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। टेंपो चालक ने इस बात की जानकारी गांव में अपने लोगों को दी। दूसरे तरफ के लोग भी गोलबंद हुए और पूर्व प्रधान के भाई रविंद्र यादव की पिटाई कर दी। दोनों तरफ से मारपीट और हंगामा की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई। थाने में तैनात एक दरोगा फोर्स के साथ डुमरिया टोला में दोनों पक्ष के लोगों को पकड़ने चले गए। गांव के लोग नाराज हो गए। आरोप है कि गांव की महिलाओं ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। पुलिस जब बैकफुट हुई तो लोगों ने पथराव कर दिया। विवाद में थाने की सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया। हिरासत में लिए गए एक आरोपी को नाराज लोग भगा ले गए। पुलिस टीम पर हमले के बाद फिर से पुलिस गांव पहुंची और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। दोनों पक्षों में विवाद की वजह विधानसभा चुनाव में वोटिंग और होली के दिन आपसी विवाद बताई जा रही है। इंस्पेक्टर, थानेदार नीतिश श्रीवास्तव ने विवाद करने वाले दोनों पक्षों से मल्खा चौहान, राम ध्यान, विजय, अजय, अमित, विशाल, रामदुलारे, छोटेलाल सहित पांच महिलाओं के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में अवरोध उत्पन्न कर पथराव, लोक संपत्ति अधिनियम, एवं सीएलए के तहत केस दर्ज कराया है। जबकि टेंपो मालिक मंकटेश्वर ने पूर्व प्रधान के बेटे राजन यादव सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया है।
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थम नहीं रहा है पुलिस के पीटने का सिलसिला
विवादों से पुलिस का पुराना नाता है। आए दिन खाकी पर हो रहे हमले से पुलिस की साख गिर रही है। आमजन का विश्वास खाकी से उठ रहा है। मामूली बात पर हाथपाई जैसी घटनाएं भी पुलिस की इकबाल पर सवाल उठा रही है। रविवार को खुखुंदू में पुलिस टीम पर हमला और जीप में तोड़फोड़ ने फिर खाकी पर सवाल खड़ा कर दिया है। तीन महीने में पुलिस के साथ मारपीट की यह तीसरी घटना है।
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चार जनवरी को मदनपुर में रहमतुल्ला का शव मिलने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। नाराज लोगों ने सीओ शिंताशू कुमार, इंस्पेक्टर सहित कई पुलिसवालों की पिटाई कर दी थी। उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने के बाद आग के हवाले कर दिया। थाना फूंकने के साथ ही उपद्रवियों ने सरकारी सरकारी असलहे भी लूट लिए। मदनपुर कांड के बाद यूपी पुलिस की छवि काफी खराब हुई। कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी यूपी हिल गई थी। होली के दिन भी हुड़दंग करने वाले बाइक सवार युवकों ने दो पुलिस वालों की पिटाई कर दी। उनकी वर्दी तक फाड़ दी। पुलिस बेबस देखी रही। खुखुंदू में हुआ बवाल भी पुलिस की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाता है। करीब ढाई महीने में तीन बार पुलिसकर्मियों की पिटाई से महकमे में खलबली मची हुई है।