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आशा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया
देवरिया
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:09 PM IST
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देवरिया। आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांगों को पूरा करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम के माध्यम से भेजा गया।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर आशा कार्यकर्ता आंदोलन की राह पर हैं। प्रमुख मांगों में केंद्र के जॉब सिक्योरिटी के आदेश को लागू करने, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का अनुपालन करने, निश्चित मानदेय देने, एक्स कैडर के अनुरूप सेवानिवृत्ति की उम्र का निर्धारण करने, नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को शीर्ष वरीयता देते हुए समायोजित करने,
रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को अन्य विभागों की तरफ लागू कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त बीपीएम, एमसीटीएस आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने, भविष्य में आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक लगाने, एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्ल्यू, एक्सरे टेकभनीशियन की सेवाएं बहाल करना शामिल है।
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धरने में जिलाध्यक्ष दुर्गावती देवी, सुमन सिंह, मीना निषाद, गीता सिंह, आरती मौर्य, सीता शाही, उर्मिला, निर्मला, अन्नपूर्णा, सरस्वती आदि शामिल रहीं।
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उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर आशा कार्यकर्ता आंदोलन की राह पर हैं। प्रमुख मांगों में केंद्र के जॉब सिक्योरिटी के आदेश को लागू करने, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का अनुपालन करने, निश्चित मानदेय देने, एक्स कैडर के अनुरूप सेवानिवृत्ति की उम्र का निर्धारण करने, नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को शीर्ष वरीयता देते हुए समायोजित करने,
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रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को अन्य विभागों की तरफ लागू कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त बीपीएम, एमसीटीएस आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने, भविष्य में आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक लगाने, एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्ल्यू, एक्सरे टेकभनीशियन की सेवाएं बहाल करना शामिल है।
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धरने में जिलाध्यक्ष दुर्गावती देवी, सुमन सिंह, मीना निषाद, गीता सिंह, आरती मौर्य, सीता शाही, उर्मिला, निर्मला, अन्नपूर्णा, सरस्वती आदि शामिल रहीं।