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Deoria News: प्रतिदिन खतरों से होकर गुजरते हैं 50 हजार वाहन
Sun, 28 May 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 28 May 2023 11:41 PM IST
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देवरिया गोरखपुर मार्ग स्थित ओवरब्रिज पर हुए गड्ढे में हो सकता है बड़ा हादसा।संवाद, अनूप तिवारी
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देवरिया। देवरिया-गोरखपुर मार्ग स्थित शहर के ओवरब्रिज पर कब बड़ा हादसा हो जाए कहा नहीं जा सकता। कारण कि ओवरब्रिज के दोनों ओर एप्रोच पर कई जानलेवा गड्ढे हैं। हर दिन खतरों से अनजान हजारों राहगीरों का फासला मौत से चंद इंच रह रहा है। शनिवार की दोपहर 12 बजे यात्रियों से खचाखच भरी दो बसें ओवरब्रिज पर पलटने से बाल-बाल बचीं।
पहला हादसा ओवरब्रिज के दक्षिणी छोर पर होने से बचा। प्राइवेट यात्री बस सवारी भरकर गोरखपुर की ओर जा रही थी। कार को पास देने के लिए चालक बस को किनारे से लेकर जा रहा था। तभी एप्रोच पर बाईं ओर अचानक गड्ढा आ गया। चालक ने जोरदार ब्रेक लिया और स्टेयरिंग दाईं ओर घुमाकर बस को ले गया। अचानक ब्रेक लगने से यात्रियों की सांस अटक गई। दूसरा हादसा ओवरब्रिज के उत्तरी छोर पर होने से बचा। यहां एप्रोच पर पिच सड़क से सटे तीन फुट गहरा गड्ढा था। गड्ढे से महज कुछ इंच की दूरी पर वाहन लगातार फर्राटा भर रहे थे। तभी यात्रियों से भरी रोडवेज की बस आई। सामने से आ रहे ट्रक को साइड देने के लिए चालक ने बाईं ओर स्टेयरिंग घुमाई तो सामने गड्ढा आ गया। अगले पहिए का आधा सिरा गड्ढे में और आधा सड़क पर होने के चलते यात्रियों की जान बची। ओवरब्रिज पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण कई ऐसे दृश्य सामने आए जो देखने वालों को सन्न कर गए।
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इनसेट
कार हादसे में टूट गई है रेलिंग
ओवरब्रिज की सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी नहीं है। पिच के किनारे सड़क धंसकर नाली बन गई है। पहिया उतरते ही वाहन काबू से बाहर हो जाते हैं। डेढ़ साल पहले ओवरब्रिज के उत्तरी एप्रोच पर गोरखपुर की ओर से आर रही कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी थी। हादसे में कार सवार बिहार प्रांत के गोपालगंज जिला भोरे निवासी दो लोग घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि तभी से यह रेलिंग टूटी पड़ी है।
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एक हफ्ता पहले बाल-बाल बची थी मेरी जान
एक हफ्ता पहले शाम के करीब नौ बजे गौरीबाजार बरात में जा रहा था। ट्रक से साइड लेने के दौरान एप्रोच पर अचानक गड्ढा सामने आया तो मेरे होश उड़ गए। बड़ी मुश्किल से बाइक नियंत्रित कर अपनी जान बचाई।
- अभिषेक मिश्रा, पिपरा खेमकरन।
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ओवरब्रिज पर अक्सर होते हैं हादसे
ओवरब्रिज पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। बाइक सवार गिरकर घायल होते हैं। इलाज कराकर घर चले जाते हैं। शहर का मुख्य मार्ग होने के चलते इस सड़क से अधिकारी व बड़े नेताओं का आना-जाना होता है। कोई इस पर ध्यान नहीं देता।
- शुभम यादव, राघवनगर देवरिया
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इनसेट
डीएम व एक्सईएन को हुआ था क्षतिपूर्ति देने का आदेश
वर्ष 1998 में हुए मार्ग दुर्घटना में गौरीबाजार निवासी रवींद्र कुमार की मौत हो गई थी। उनके स्वजन इस मामले को लेकर कोर्ट गए। 23 साल बाद छह जनवरी को अपर जिला जज की अदालत ने फैसला सुनाया था। जिसमें विभागीय गलती मानते हुए पीडब्लूडी एक्सईएन व डीएम को चार लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया था। फैसला आने के बाद एक से दो महीने अधिकारी ऐसे मामलों को लेकर सजग हुए, लेकिन फिर से लापरवाह होते देर न लगी।
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वर्जन
देवरिया-गोरखपुर मार्ग स्थित ओवरब्रिज के एप्रोच मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसकी विधिवत मरम्मत हो जाएगी।
- राजेश कुमार, एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड।
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पहला हादसा ओवरब्रिज के दक्षिणी छोर पर होने से बचा। प्राइवेट यात्री बस सवारी भरकर गोरखपुर की ओर जा रही थी। कार को पास देने के लिए चालक बस को किनारे से लेकर जा रहा था। तभी एप्रोच पर बाईं ओर अचानक गड्ढा आ गया। चालक ने जोरदार ब्रेक लिया और स्टेयरिंग दाईं ओर घुमाकर बस को ले गया। अचानक ब्रेक लगने से यात्रियों की सांस अटक गई। दूसरा हादसा ओवरब्रिज के उत्तरी छोर पर होने से बचा। यहां एप्रोच पर पिच सड़क से सटे तीन फुट गहरा गड्ढा था। गड्ढे से महज कुछ इंच की दूरी पर वाहन लगातार फर्राटा भर रहे थे। तभी यात्रियों से भरी रोडवेज की बस आई। सामने से आ रहे ट्रक को साइड देने के लिए चालक ने बाईं ओर स्टेयरिंग घुमाई तो सामने गड्ढा आ गया। अगले पहिए का आधा सिरा गड्ढे में और आधा सड़क पर होने के चलते यात्रियों की जान बची। ओवरब्रिज पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण कई ऐसे दृश्य सामने आए जो देखने वालों को सन्न कर गए।
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कार हादसे में टूट गई है रेलिंग
ओवरब्रिज की सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी नहीं है। पिच के किनारे सड़क धंसकर नाली बन गई है। पहिया उतरते ही वाहन काबू से बाहर हो जाते हैं। डेढ़ साल पहले ओवरब्रिज के उत्तरी एप्रोच पर गोरखपुर की ओर से आर रही कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी थी। हादसे में कार सवार बिहार प्रांत के गोपालगंज जिला भोरे निवासी दो लोग घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि तभी से यह रेलिंग टूटी पड़ी है।
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एक हफ्ता पहले बाल-बाल बची थी मेरी जान
एक हफ्ता पहले शाम के करीब नौ बजे गौरीबाजार बरात में जा रहा था। ट्रक से साइड लेने के दौरान एप्रोच पर अचानक गड्ढा सामने आया तो मेरे होश उड़ गए। बड़ी मुश्किल से बाइक नियंत्रित कर अपनी जान बचाई।
- अभिषेक मिश्रा, पिपरा खेमकरन।
ओवरब्रिज पर अक्सर होते हैं हादसे
ओवरब्रिज पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। बाइक सवार गिरकर घायल होते हैं। इलाज कराकर घर चले जाते हैं। शहर का मुख्य मार्ग होने के चलते इस सड़क से अधिकारी व बड़े नेताओं का आना-जाना होता है। कोई इस पर ध्यान नहीं देता।
- शुभम यादव, राघवनगर देवरिया
इनसेट
डीएम व एक्सईएन को हुआ था क्षतिपूर्ति देने का आदेश
वर्ष 1998 में हुए मार्ग दुर्घटना में गौरीबाजार निवासी रवींद्र कुमार की मौत हो गई थी। उनके स्वजन इस मामले को लेकर कोर्ट गए। 23 साल बाद छह जनवरी को अपर जिला जज की अदालत ने फैसला सुनाया था। जिसमें विभागीय गलती मानते हुए पीडब्लूडी एक्सईएन व डीएम को चार लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया था। फैसला आने के बाद एक से दो महीने अधिकारी ऐसे मामलों को लेकर सजग हुए, लेकिन फिर से लापरवाह होते देर न लगी।
वर्जन
देवरिया-गोरखपुर मार्ग स्थित ओवरब्रिज के एप्रोच मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसकी विधिवत मरम्मत हो जाएगी।
- राजेश कुमार, एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड।