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Deoria News: दस हजार रुपये घूस लेते शस्त्र लिपिक को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

Sat, 20 Jan 2024 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 20 Jan 2024 12:58 AM IST
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Anti corruption team caught arms clerk taking bribe
लाइसेंस नवीनीकरण कराने के लिए तीन माह से दौड़ रहा था शिकायकर्ता प्रधान
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देवरिया। एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये घूस लेते कलेक्ट्रेट के शस्त्र लिपिक को शुक्रवार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक ग्राम प्रधान की शिकायत पर हुई।
बरियारपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत महुई के पिपरहिया टोला निवासी प्रधान दीनानाथ यादव शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने शस्त्र लिपिक राजेश कुमार प्रसाद निवासी बड़हरा से संपर्क किया। आरोप है कि शस्त्र लिपिक ने 50 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम गोरखपुर से की। प्रभारी शिव मनोहर यादव के नेतृत्व में टीम शुक्रवार को देवरिया पहुंची। योजना के मुताबिक दीनानाथ ने लिपिक को बुलाया और बरामदे में केमिकल लगा दस हजार रुपये शस्त्र लिपिक को दिया। हाथ में रुपये लेते ही टीम के सदस्यों ने शस्त्र लिपिक को रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद टीम शस्त्र लिपिक को लेकर कोतवाली पहुंची, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
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सीओ सिटी संजय रेड्डी ने बताया कि शस्त्र लिपिक को एंटीकरप्शन टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
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50 हजार रुपये देने में असमर्थता जताने पर फेंक दी थी फाइल
देवरिया। कलेक्ट्रेट में असलहा लाइसेंस बनाने के लिए धनउगाही की पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। ताजे मामले में शुक्रवार को महुई गांव के प्रधान दीनानाथ यादव ने बताया कि वर्ष 2007 में पहली बार उनका शस्त्र लाइसेंस बना। उन्होंने वर्ष 2013 में असलहा बेच दिया और कमाने मुंबई चले गए। वर्ष 2017 में चुनाव लड़े। इसके बाद उन्हाेंने लाइसेंस नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन किया। बंदूक बाबू से संपर्क करने पर बताया गया कि पांच साल से अधिक बीत चुका है। इसका नवीनीकरण करने में 50 हजार रुपये का खर्च आएगा। प्रधान ने दस से पंद्रह हजार रुपये देने की बात कही। दो माह पूर्व वह फाइल लेकर बाबू के पास गए भी थे, लेकिन उसने फाइल फेंक दी।
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इसके बाद प्रधान ने एंटीकरप्शन गोरखपुर में इसकी शिकायत की। प्रधान का आरोप है कि बाबू की ओर से रखने गए एक प्राइवेट कर्मचारी को वह दस हजार रुपये पहले ही दे चुके हैं, लेकिन बाबू फिर भी तैयार नहीं हुआ।

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बाबू रखें हैं प्राइवेट आदमी
देवरिया। कलेक्ट्रेट के कुछ लिपिक अपने पास प्राइवेट लोग रखे हुए हैं। उनका काम करते हैं। सूत्र बताते हैं कि महत्वपूर्ण कागजात भी उनके पास रहता है। दो शस्त्र लिपिक हैं, जिन्होंने प्राइवेट आदमी रखा था। उनसे काम लेते थे। कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर हल्ला होने पर उन्हें कार्यालय आने से मना कर दिया गया।

गर्म कपड़े लपेटकर गुजरते लोग-संवाद

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