{"_id":"69823d570a83f391330cad6e","slug":"anger-at-female-doctor-instructions-to-deduct-salary-of-one-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-174099-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: महिला डाॅक्टर पर नाराजगी एक का वेतन काटने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: महिला डाॅक्टर पर नाराजगी एक का वेतन काटने के निर्देश
Tue, 03 Feb 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
सलेमपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मंगलवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने औचक निरीक्षण किया। निर्धारित समय से डॉक्टरों के उपस्थित न होने पर भड़क उठे। उन्होंने एक महिला चिकित्सक को फटकार लगाई, जबकि एक अन्य चिकित्सक का वेतन काटने के निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां रोजाना करीब 500 से 700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। बावजूद इसके मंगलवार की सुबह 10.30 बजे तक ओपीडी में बच्चों के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र मोहन व महिला वार्ड में डॉ. सुमन गुप्ता और डॉ. संगीता पांडेय बैठकर मरीजों का इलाज कर रहीं थी।
इसके अलावा प्रांजल गुप्ता और डॉ. पुष्पेंद्र तिवारी अपने कक्ष में नहीं थे। इसकी शिकायत किसी ने चिकित्साधिकारी से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्साधिकारी जब ओपीडी में पहुंचे तो डॉ. नरेंद्र मोहन मरीजों का इलाज कर रहे थे।
विज्ञापन
इसके अलावा डॉ. प्रांजल गुप्ता और पुष्पेंद्र तिवारी के कमरे में ताला लटक रहा था। इसी बीच डॉ. प्रांजल गुप्ता पहुंच गईं। निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्सक को समय पालन न करने पर फटकार लगाई। वहीं अनुपस्थित चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र तिवारी की लगातार लापरवाही को गंभीर मानते हुए उनके वेतन से एक दिन की कटौती करने के निर्देश दिए। उसके बाद अपने ऑफिस में बैठकर खुद मरीजों का इलाज शुरू कर दिया।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां रोजाना करीब 500 से 700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। बावजूद इसके मंगलवार की सुबह 10.30 बजे तक ओपीडी में बच्चों के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र मोहन व महिला वार्ड में डॉ. सुमन गुप्ता और डॉ. संगीता पांडेय बैठकर मरीजों का इलाज कर रहीं थी।
विज्ञापन
इसके अलावा प्रांजल गुप्ता और डॉ. पुष्पेंद्र तिवारी अपने कक्ष में नहीं थे। इसकी शिकायत किसी ने चिकित्साधिकारी से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्साधिकारी जब ओपीडी में पहुंचे तो डॉ. नरेंद्र मोहन मरीजों का इलाज कर रहे थे।
विज्ञापन
इसके अलावा डॉ. प्रांजल गुप्ता और पुष्पेंद्र तिवारी के कमरे में ताला लटक रहा था। इसी बीच डॉ. प्रांजल गुप्ता पहुंच गईं। निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्सक को समय पालन न करने पर फटकार लगाई। वहीं अनुपस्थित चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र तिवारी की लगातार लापरवाही को गंभीर मानते हुए उनके वेतन से एक दिन की कटौती करने के निर्देश दिए। उसके बाद अपने ऑफिस में बैठकर खुद मरीजों का इलाज शुरू कर दिया।