फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   advocate

केस दर्ज होने तक आंदोलन करेंगे वकील

Mon, 06 Dec 2021 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 11:24 PM IST
विज्ञापन
advocate
केस दर्ज होने तक आंदोलन करेंगे वकील
विज्ञापन

दीवानी कचहरी के गेट पर सभा और बैठक के बाद लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पुलिस द्वारा अधिवक्ता की पिटाई के मामले में एसडीएम व कोतवाल पर कार्रवाई न होने अधिवक्ता गुस्से में हैं। सोमवार को दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट पर अधिवक्ताओं ने सभा की। तय हुआ कि एसडीएम, कोतवाल सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान बंदियों को लेकर कचहरी पहुंची पुलिस की गाड़ी को भी अधिवक्ताओं ने लौटा दिया। दोपहर बाद अधिवक्ता संघ भवन के सभागार में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंगासन गिरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रशासनिक जांच रिपोर्ट को झूठा बताया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसा कर रहा है।

रामजानकी मंदिर के सामने दुकानों की तोड़- फोड़ के मामले को लेकर एक दिसंबर की देर शाम कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता विष्णु जायसवाल को कोतवाली लाकर पिटाई कर दी। ऐसे अधिवक्ताओं का आरोप है। इसे लेकर वकीलों के विरोध के डीएम ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। इसी दिन तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसपी ने कार्रवाई की, लेकिन बाद में पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर डीएम आशुतोष निरंजन एवं एसपी श्रीपति मिश्र ने पूरे मामले को गलत बता दिया। कहा कि जांच में अधिवक्ता की पिटाई का कोई प्रमाण एवं साक्ष्य नहीं मिला है। प्रशासन की यह कार्रवाई अधिवक्ताओं के गले नहीं उतर रही है। उनका कहना है कि जब घटना गलत थी तो तीन सिपाहियों के खिलाफ क्यों कार्रवाई की गई। प्रशासन अफसरों को क्यों बचा रहा है। कोतवाल जहां भी तैनात रहें है उनकी कार्यप्रणाली विवादों में रहीं है। बावजूद इसके अफसर संरक्षण देने में जुटे हैं। सोमवार को मुख्य गेट पर हुई सभा को संबोधित करते हुए सुभाष चंद्र राव, पूर्व अध्यक्ष बृज बांके तिवारी, ओमहरिहर मिश्र, सुरेंद्र त्रिपाठी, ललल्न मिश्रा, रामप्रसाद कुशवाहा, अरविंद साहनी, प्रकाश तिवारी निराला, सुयश सिंह, अनिल सिंह, संजय श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह , अभिषेक मिश्रा, संजय सिंह, शिव कुमार मणि, जटाशंकर सिंह, हरिद्र प्रताप श्रीवास्तव, आनंद राय, प्रबोध श्रीवास्तव, प्रेम नारायण मणि आदि ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया। कहां कि गोरखपुर में भी ऐसा ही होटल में हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर फर्जी बताया था। बाद में सच्चाई सामने आने पर कलई खुल गई। वैसे ही यहां भी निष्पक्ष जांच हो तो पुलिस की असलियत सामने आ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed