{"_id":"69c04105001f0fb9e50fb333","slug":"a-sip-of-tea-has-become-more-expensive-due-to-the-shortage-of-cooking-gas-deoria-news-c-208-1-deo1011-177628-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: रसोई गैस की किल्लत के चलते चाय की चुस्की हुई महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: रसोई गैस की किल्लत के चलते चाय की चुस्की हुई महंगी
विज्ञापन
देवरिया। जिले में रसोई गैस की किल्लत का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। रसोई गैस सिलिंडर को ब्लैक में खरीदने व लकड़ी के चूल्हे पर चाय बनने की वजह से कुल्हड़ वाली चाय दो रुपये महंगी हो गई है। पहले जहां एक कुल्हड़ चाय 10 रुपये में मिल जाती थी, वहीं अब इसके लिए ग्राहकों को 12 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
चाय दुकानदारों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों को ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है। ऐसे में उनके पास चाय के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में संचालित चाय की दुकानों पर इसका असर साफ देखा जा सकता है।
सुबह और शाम चाय पीने वालों की भीड़ तो पहले की तरह ही है, लेकिन दाम बढ़ने से ग्राहकों और दुकानदारों ने नोकझोंक भी हो रही है।
दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में चाय के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं कुछ दुकानदार वैकल्पिक ईंधन जैसे लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करना शुरू भी कर दिया है।
विज्ञापन
उधर, आम लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई से परेशान जनता पर यह अतिरिक्त बोझ है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी महंगी होती जा रही हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिले में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है, जिसका असर अब धीरे-धीरे हर छोटे-बड़े कारोबार पर पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
चाय दुकानदारों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों को ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है। ऐसे में उनके पास चाय के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
विज्ञापन
शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में संचालित चाय की दुकानों पर इसका असर साफ देखा जा सकता है।
सुबह और शाम चाय पीने वालों की भीड़ तो पहले की तरह ही है, लेकिन दाम बढ़ने से ग्राहकों और दुकानदारों ने नोकझोंक भी हो रही है।
दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में चाय के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं कुछ दुकानदार वैकल्पिक ईंधन जैसे लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करना शुरू भी कर दिया है।
विज्ञापन
उधर, आम लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई से परेशान जनता पर यह अतिरिक्त बोझ है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी महंगी होती जा रही हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिले में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है, जिसका असर अब धीरे-धीरे हर छोटे-बड़े कारोबार पर पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ सकते हैं।