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जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना कैदी
Deoria
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:44 AM IST
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देवरिया। चोरी के आरोप में जिला जेल में बंद फैयाज नामक एक बंदी जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बंदी खुद अपना गला दबाकर बेहोश होने की कोशिश करता है। उसकी इस हरकत से जेल प्रशासन सुरक्षा को लेकर चिंतित है। जेलर ने दो बंदियों की निगरानी में उसे रखा है। कोतवाली क्षेत्र के परसिया भंडारी निवासी फैयाज के खिलाफ सलेमपुर कोतवाली में चोरी का केस दर्ज हुआ था।
सलेमपुर पुलिस ने चोरी के मामले में उसे गिरफ्तार किया और 22 दिसंबर को जिला जेल में दाखिल कराया। दाखिल होने के समय से ही फैयाज असामान्य व्यवहार कर रहा है। वह अपने ही हाथों अपना गला दबाकर बेहोश होने की कोशिश करता है। उसकी इस हरकत से जेल प्रशासन में चिंतित है। उसके दाखिल होने के अगले दिन ही जिला जज, डीएम, एसपी ने जब जेल का जायजा लिए तो जेलर रंगबहादुर ने कैदी की हरकत के बारे में बताया। जेलर ने सलेमपुर के इंस्पेक्टर से कैदी के बारे में जानकारी जुटाई।
जेलर के मुताबिक, बंदी इस हरकत को अपनी आदत में शुमार होना बताया है। परिवारवालों ने भी इसकी पुष्टि की है। जेलर ने न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 19 और डीएम देवरिया को बृहस्पतिवार को पत्र लिखकर अवगत कराया है। जेलर ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि यदि संभव हो तो बंदी को जमानत और मुचलके पर रिहा करने का आदेश पारित करें। ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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सलेमपुर पुलिस ने चोरी के मामले में उसे गिरफ्तार किया और 22 दिसंबर को जिला जेल में दाखिल कराया। दाखिल होने के समय से ही फैयाज असामान्य व्यवहार कर रहा है। वह अपने ही हाथों अपना गला दबाकर बेहोश होने की कोशिश करता है। उसकी इस हरकत से जेल प्रशासन में चिंतित है। उसके दाखिल होने के अगले दिन ही जिला जज, डीएम, एसपी ने जब जेल का जायजा लिए तो जेलर रंगबहादुर ने कैदी की हरकत के बारे में बताया। जेलर ने सलेमपुर के इंस्पेक्टर से कैदी के बारे में जानकारी जुटाई।
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जेलर के मुताबिक, बंदी इस हरकत को अपनी आदत में शुमार होना बताया है। परिवारवालों ने भी इसकी पुष्टि की है। जेलर ने न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या 19 और डीएम देवरिया को बृहस्पतिवार को पत्र लिखकर अवगत कराया है। जेलर ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि यदि संभव हो तो बंदी को जमानत और मुचलके पर रिहा करने का आदेश पारित करें। ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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