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शिक्षामित्रों, रसोइयों और छात्रों ने उठाई आवाज
Deoria
Updated Thu, 26 Jul 2012 12:00 PM IST
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बीएसए कार्यालय में जड़ा ताला
देवरिया। मानदेय भुगतान समेत पांच सूत्रीय मांगे पूरी न होने से गुस्साए शिक्षामित्राें ने बीएसए कार्यालय में ताला जड़ दिया। मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ बीएसए समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सूचना पाकर मयफोर्स एसडीएम मौके पर पहुंचे। तीन दिन के अंदर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद मुख्य गेट का ताला खुला और कर्मचारी बाहर निकले और काम काज शुरू हुआ। तयशुदा कार्यक्रम के तहत सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र टाउनहाल में लगभग 12 बजे इकट्ठा हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए बीएसए दफ्तर पहुंचे और मेन गेट में ताला जड़ दिए। धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर मयफोर्स सदर एसडीएम बीएल मौर्य भी पहुंच गए। काफी मान मनौव्वल कर तीन दिन के अंदर सभी मांगे पूरा करने का आश्वासन प्रभारी बीएसए ने दी। उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन भी दिया।
इस मौके प्रदेश मंत्री अनिल यादव ने कहा कि बीएसए कार्यालय के कर्मचारी होश में आएं। अभी यह चेतावनी है, अगर फिर शिक्षामित्रों को प्रताड़ित किया गया तो शिक्षामित्र आर-पार की लड़ाई लडे़ंगे। उन्होंने कहा कि विगत चार महीने से शिक्षामित्राें को मानदेय नहीं मिला है। कहा कि अगर 30 जुलाई तक शिक्षामित्राें के समस्याआें का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षामित्र विद्यालयाें का पठन-पाठन ठप करने के लिए बाध्य होगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग के अफसर व कर्मचारियाें की होगी। इस दौरान मनोज सिंह चंदेल, आनंद यादव, शैलेंद्र सिंह, रमेश यादव, विशुनदेव प्रसाद, कौशल यादव, सूरज श्रीवास्तव, सच्चिदानंद राव, सर्वेश कुमार पांडेय, रामभवन सिंह, सुरेश सिंह, राकेश मिश्र, राकेश कुमार, हंस राजभर, विद्याशंकर विश्वकर्मा, अनीता तिवारी, योगेंद्र भारती, राजेश कु मार, विनय मिश्र, बलभद्र नारायण सिंह आदि शामिल रहे।
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परीक्षा फार्म न मिलने पर छात्रों ने किया प्रदर्शन
देवरिया। आईटीआई में आरएसी ब्रांच के अंतिम वर्ष के 18 छात्रों ने बुधवार दोपहर संस्थान के सामने देवरिया- सलेमपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया। इन्होंने पेड़ की कटी डालियों को बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू ही किया था कि संस्थान के प्राध्यापकों ने हस्तक्षेप कर इन्हें तत्काल वहां से हटा दिया। छात्रों का कहना है कि उनकी वार्षिक परीक्षा में चार दिन शेष रह गए हैं और बुधवार को भी उन्हें परीक्षा फार्म नहीं दिया गया। पूछने पर कार्यालय के बाबू ने कहा कि अगले वर्ष फरवरी में परीक्षा होगी। इसी से नाराज छात्र सड़कों पर उतरे। छात्रों का आरोप है कि संस्थान में प्राध्यापक से लेकर बाबू तक लगातार उन्हें भ्रम में रखकर परेशानी में डाल रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। कहा कि जानबूझकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दूसरी ओर संस्थान के प्राध्यापकों ने छात्रों को गलतफहमी का शिकार बताया।
रसोइयाें का डेरा डालो आंदोलन शुरू
देवरिया। बकाए मानदेय के भुगतान और निष्कासित रसोइयों को बहाल किए जाने की मांग को लेकर रसोइया कर्मचारी सभा का डीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन डेरा डालो आंदोलन बुधवार को शुरू हो गया। डेरा डालो आंदोलन शुरू होने से पूर्व रसोइया ऐपवा कार्यालय पर एकत्र हुए।
यहां से जुलूस निकला और नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पर पहुंचकर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य कमेटी की सदस्य और रसोइया कर्मचारी सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि रसोइयों से पांच सालों तक कार्य कराया गया और अब इन्हें भगाया जा रहा है। गैर कानूनी ढंग से रसोइयों का चयन किया जा रहा है। यहां के अधिकारी मंडलायुक्त के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। समस्याओं के समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में गरीबों के ऊपर हमले बढ़े हैं। महिलाओं के साथ दुराचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है। सरकारी कार्यालयों में जनता की समस्याओं को अनसुना कर दिया जा रहा है। आंदोलन में मुख्य रुप से भाकपा माले के जिला कमेटी के सदस्य कामरेड कलक्टर शर्मा, राजेंद्र यादव, बद्री प्रसाद, शिवरतन, योगेंद्र बारी, भगवान दास, लल्लन राय, महापति, कौशिल्या देवी, सविता यादव और पारस प्रसाद आदि लोग भाग ले रहे हैं।
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देवरिया। मानदेय भुगतान समेत पांच सूत्रीय मांगे पूरी न होने से गुस्साए शिक्षामित्राें ने बीएसए कार्यालय में ताला जड़ दिया। मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ बीएसए समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सूचना पाकर मयफोर्स एसडीएम मौके पर पहुंचे। तीन दिन के अंदर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद मुख्य गेट का ताला खुला और कर्मचारी बाहर निकले और काम काज शुरू हुआ। तयशुदा कार्यक्रम के तहत सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र टाउनहाल में लगभग 12 बजे इकट्ठा हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए बीएसए दफ्तर पहुंचे और मेन गेट में ताला जड़ दिए। धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर मयफोर्स सदर एसडीएम बीएल मौर्य भी पहुंच गए। काफी मान मनौव्वल कर तीन दिन के अंदर सभी मांगे पूरा करने का आश्वासन प्रभारी बीएसए ने दी। उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन भी दिया।
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इस मौके प्रदेश मंत्री अनिल यादव ने कहा कि बीएसए कार्यालय के कर्मचारी होश में आएं। अभी यह चेतावनी है, अगर फिर शिक्षामित्रों को प्रताड़ित किया गया तो शिक्षामित्र आर-पार की लड़ाई लडे़ंगे। उन्होंने कहा कि विगत चार महीने से शिक्षामित्राें को मानदेय नहीं मिला है। कहा कि अगर 30 जुलाई तक शिक्षामित्राें के समस्याआें का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षामित्र विद्यालयाें का पठन-पाठन ठप करने के लिए बाध्य होगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग के अफसर व कर्मचारियाें की होगी। इस दौरान मनोज सिंह चंदेल, आनंद यादव, शैलेंद्र सिंह, रमेश यादव, विशुनदेव प्रसाद, कौशल यादव, सूरज श्रीवास्तव, सच्चिदानंद राव, सर्वेश कुमार पांडेय, रामभवन सिंह, सुरेश सिंह, राकेश मिश्र, राकेश कुमार, हंस राजभर, विद्याशंकर विश्वकर्मा, अनीता तिवारी, योगेंद्र भारती, राजेश कु मार, विनय मिश्र, बलभद्र नारायण सिंह आदि शामिल रहे।
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परीक्षा फार्म न मिलने पर छात्रों ने किया प्रदर्शन
देवरिया। आईटीआई में आरएसी ब्रांच के अंतिम वर्ष के 18 छात्रों ने बुधवार दोपहर संस्थान के सामने देवरिया- सलेमपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया। इन्होंने पेड़ की कटी डालियों को बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू ही किया था कि संस्थान के प्राध्यापकों ने हस्तक्षेप कर इन्हें तत्काल वहां से हटा दिया। छात्रों का कहना है कि उनकी वार्षिक परीक्षा में चार दिन शेष रह गए हैं और बुधवार को भी उन्हें परीक्षा फार्म नहीं दिया गया। पूछने पर कार्यालय के बाबू ने कहा कि अगले वर्ष फरवरी में परीक्षा होगी। इसी से नाराज छात्र सड़कों पर उतरे। छात्रों का आरोप है कि संस्थान में प्राध्यापक से लेकर बाबू तक लगातार उन्हें भ्रम में रखकर परेशानी में डाल रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। कहा कि जानबूझकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दूसरी ओर संस्थान के प्राध्यापकों ने छात्रों को गलतफहमी का शिकार बताया।
रसोइयाें का डेरा डालो आंदोलन शुरू
देवरिया। बकाए मानदेय के भुगतान और निष्कासित रसोइयों को बहाल किए जाने की मांग को लेकर रसोइया कर्मचारी सभा का डीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन डेरा डालो आंदोलन बुधवार को शुरू हो गया। डेरा डालो आंदोलन शुरू होने से पूर्व रसोइया ऐपवा कार्यालय पर एकत्र हुए।
यहां से जुलूस निकला और नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पर पहुंचकर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य कमेटी की सदस्य और रसोइया कर्मचारी सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि रसोइयों से पांच सालों तक कार्य कराया गया और अब इन्हें भगाया जा रहा है। गैर कानूनी ढंग से रसोइयों का चयन किया जा रहा है। यहां के अधिकारी मंडलायुक्त के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। समस्याओं के समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में गरीबों के ऊपर हमले बढ़े हैं। महिलाओं के साथ दुराचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है। सरकारी कार्यालयों में जनता की समस्याओं को अनसुना कर दिया जा रहा है। आंदोलन में मुख्य रुप से भाकपा माले के जिला कमेटी के सदस्य कामरेड कलक्टर शर्मा, राजेंद्र यादव, बद्री प्रसाद, शिवरतन, योगेंद्र बारी, भगवान दास, लल्लन राय, महापति, कौशिल्या देवी, सविता यादव और पारस प्रसाद आदि लोग भाग ले रहे हैं।