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महिलाओं की मौत के मामले में शासन ने मांगी रिपोर्ट
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:56 PM IST
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doctor
- फोटो : amar ujala
देवरिया। इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत के मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। सचिव वी हेकाली झिमोमी और प्रमुख सचिव प्रशांत कुमार त्रिवेदी ने प्रभारी सीएमओ और सीएमएस से फोन कर घटना की जानकारी ली और इसकी रिपोर्ट तलब की है। शनिवार को प्रभारी सीएमओ के माध्यम से इसकी रिपोर्ट सचिव व प्रमुख सचिव को अलग-अलग भेज दी गई। इसमें ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत को गलत ठहराया गया है।
सदर कोतवाली के माधोपुर गांव निवासी रमावती देवी (60) की इलाज के दौरान शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे मौत हो गई। नाराज घरवाले डॉक्टर पर लापरवाही और ऑक्सीजन की कमी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसी दौरान खामपार के नरायनपुर गांव की महिला वार्ड में भर्ती 85 वर्षीय मैना देवी ने दम तोड़ दिया। इनके परिजनों ने भी ऑक्सीजन लगाने में लापरवाही का आरोप लगाया। इसे लेकर डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी पर हंगामा हुआ। सचिव व प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है। दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचे प्रभारी सीएमओ डॉ. संजय चंद्र और एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सीएमएस डॉ. छोटेलाल से मिलकर प्रकरण की जानकारी ली। शासन को भेजे गए पत्र में ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की मृत्यु को गलत बताया गया है। दोनों मरीज पहले से बीमार थे और सांस की दिक्कत थी। रेफर करने के बाद एंबुलेंस में रमावती की मौत हुई थी। अस्पताल में नहीं। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ.संजय चंद्र ने बताया कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दिया गया है। आक्सीजन से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।
महिला की मौत की एसडीएम करेंगे जांच
इमरजेंसी में इलाज के दौरान महिला की मौत की वजहों की जांच सदर एसडीएम रामकेश यादव करेंगे। डीएम अमित किशोर ने एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम ने कहा कि ऑक्सीजन के अभाव में मौत की बात सामने आई है। इसलिए इसकी जांच अलग से कराई जा रही है।
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ऑक्सीजन सप्लाई वाले वर्करों का नहीं मिला मानदेय
जिला अस्पताल के पीआईसीयू व जनरल वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई देने की जिम्मेदारी आकृति कंस्ट्रक्शन दुबौली बस्ती को देने की जिम्मेदारी है। इस फर्म के सात वर्कर कार्य कर रहे हैं। इसमें टेक्निशियन आलोक, ऑपरेटर शाहिद अंसारी, पंकज, नईम अख्तर और रामशरण गुप्ता शामिल हैं। ऑपरेटरों का चार माह और टेक्निशियन का पांच माह का मानदेय नहीं मिला है। इसको लेकर आर्थिक तंगी से वर्कर जूझ रहे हैं। एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह से मिलकर वर्करों ने मानदेय दिलाने की मांग की।
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सदर कोतवाली के माधोपुर गांव निवासी रमावती देवी (60) की इलाज के दौरान शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे मौत हो गई। नाराज घरवाले डॉक्टर पर लापरवाही और ऑक्सीजन की कमी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसी दौरान खामपार के नरायनपुर गांव की महिला वार्ड में भर्ती 85 वर्षीय मैना देवी ने दम तोड़ दिया। इनके परिजनों ने भी ऑक्सीजन लगाने में लापरवाही का आरोप लगाया। इसे लेकर डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी पर हंगामा हुआ। सचिव व प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है। दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचे प्रभारी सीएमओ डॉ. संजय चंद्र और एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सीएमएस डॉ. छोटेलाल से मिलकर प्रकरण की जानकारी ली। शासन को भेजे गए पत्र में ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की मृत्यु को गलत बताया गया है। दोनों मरीज पहले से बीमार थे और सांस की दिक्कत थी। रेफर करने के बाद एंबुलेंस में रमावती की मौत हुई थी। अस्पताल में नहीं। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ.संजय चंद्र ने बताया कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दिया गया है। आक्सीजन से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।
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महिला की मौत की एसडीएम करेंगे जांच
इमरजेंसी में इलाज के दौरान महिला की मौत की वजहों की जांच सदर एसडीएम रामकेश यादव करेंगे। डीएम अमित किशोर ने एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम ने कहा कि ऑक्सीजन के अभाव में मौत की बात सामने आई है। इसलिए इसकी जांच अलग से कराई जा रही है।
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ऑक्सीजन सप्लाई वाले वर्करों का नहीं मिला मानदेय
जिला अस्पताल के पीआईसीयू व जनरल वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई देने की जिम्मेदारी आकृति कंस्ट्रक्शन दुबौली बस्ती को देने की जिम्मेदारी है। इस फर्म के सात वर्कर कार्य कर रहे हैं। इसमें टेक्निशियन आलोक, ऑपरेटर शाहिद अंसारी, पंकज, नईम अख्तर और रामशरण गुप्ता शामिल हैं। ऑपरेटरों का चार माह और टेक्निशियन का पांच माह का मानदेय नहीं मिला है। इसको लेकर आर्थिक तंगी से वर्कर जूझ रहे हैं। एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह से मिलकर वर्करों ने मानदेय दिलाने की मांग की।