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कहने को अमृत, लोग पानी को तरसे
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:25 PM IST
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देवरिया। नगरवासियों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने में जल निगम नाकाम साबित होने जा रहा है। अमृत योजना के तहत एक जुलाई तक नगर के सभी घरों तक पेयजल सुविधा देने का लक्ष्य निर्धारित है। गति यदि इतनी ही खराब रही तो यह काम पूरा करने में तीन साल का और समय लगेगा। जाहिर है, इस रफ्तार से जुलाई तक सभी घरों को कनेक्शन दे पाना जल निगम अफसरों के लिए असंभव सा काम बन गया है।
शहरवासियों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके, इसके लिए सरकार ने अमृत योजना शुरू की है। इस योजना के तहत हर घर को पानी का कनेक्शन देने के साथ मीटर लगाना है। नगर में कुल 21500 घर टैक्स देते हैं। करीब 5800 घरों को जलकल विभाग पहले से पानी मुहैया करा रहा है। बाकी बचे 15700 घरों को पेयजल मुहैया कराने के लिए एक जुलाई 2018 का लक्ष्य शासन की ओर से दिया गया। जलनिगम की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते शहरवासी अभी तीन साल तक पेयजल की सुविधा से वंचित रह सकते हैं।
जल निगम एक साल में महज 37 सौ घरों तक पानी की सप्लाई दे सका है। अब भी करीब 12 हजार घर स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं। इस बाबत अमृत योजना का काम देख रहे जेई विवेकानंद ने कहा कि छह करोड़ का बजट था, इसे खर्च कर घरों तक टोंटी लगाकर मीटर बैठा दिया गया है। सर्वे का काम तेजी पर है। जो नए घर बने हैं उनका भी सर्वे कराकर ताजा रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेेजा जाएगा। बजट मिलते ही लक्ष्य के अनुसार कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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शहरवासियों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके, इसके लिए सरकार ने अमृत योजना शुरू की है। इस योजना के तहत हर घर को पानी का कनेक्शन देने के साथ मीटर लगाना है। नगर में कुल 21500 घर टैक्स देते हैं। करीब 5800 घरों को जलकल विभाग पहले से पानी मुहैया करा रहा है। बाकी बचे 15700 घरों को पेयजल मुहैया कराने के लिए एक जुलाई 2018 का लक्ष्य शासन की ओर से दिया गया। जलनिगम की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते शहरवासी अभी तीन साल तक पेयजल की सुविधा से वंचित रह सकते हैं।
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जल निगम एक साल में महज 37 सौ घरों तक पानी की सप्लाई दे सका है। अब भी करीब 12 हजार घर स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं। इस बाबत अमृत योजना का काम देख रहे जेई विवेकानंद ने कहा कि छह करोड़ का बजट था, इसे खर्च कर घरों तक टोंटी लगाकर मीटर बैठा दिया गया है। सर्वे का काम तेजी पर है। जो नए घर बने हैं उनका भी सर्वे कराकर ताजा रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेेजा जाएगा। बजट मिलते ही लक्ष्य के अनुसार कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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