{"_id":"5a3a951e4f1c1bee688c2e8e","slug":"81513788702-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा को किया गया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा को किया गया सम्मानित
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
रामलाल त्रिपाठी पीजी कालेज में गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा का सम्मानित करते प्रबन्धक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पड़री बाजार। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा प्रियंका शुक्ला को बुधवार को रामलाल त्रिपाठी पीजी कॉलेज में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
प्रबंधक ने कहा कि किताबी ज्ञान पूरी कर लेने के बाद बाहर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्राचार्य डॉ. जितेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि सफलता के लिए ईमानदारी से मेहनत करने की जरूरत है। असफलता से घबराना नहीं चाहिए। प्रियंका शुक्ला को नकद और शील्ड देकर कॉलेज परिवार ने सम्मानित किया। प्रियंका शुक्ला को स्नातक कला वर्ग में विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान पाने पर राज्यपाल राम नाईक ने गोल्ड मेडल दिया था। इस दौरान डॉ. अनिल मिश्रा, सुशील मिश्रा, श्याम सुंदर यादव, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. संजय यादव, जितेंद्र गुप्ता, धीरेंद्र यादव, तारकेश्वर तिवारी, विवेक तिवारी आदि मौजूद रहे।
शिक्षक बनना चाहती हैं प्रियंका
पिपरा शुक्ल निवासी युगधारी शुक्ला की बेटी प्रियंका शुक्ला बचपन से मेधावी रही हैं। उसने हाईस्कूल और इंटर में भी अच्छे अंक हासिल किए थे। स्नातक कला वर्ग में 74 प्रतिशत मॉर्क लाकर विश्वविद्यालय टॉप किया। प्रियंका का कहना है कि वह इस समय कंप्यूटर कोर्स कर रही हैं। शिक्षक बनकर शिक्षा को बढ़ावा देना लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रबंधक ने कहा कि किताबी ज्ञान पूरी कर लेने के बाद बाहर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्राचार्य डॉ. जितेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि सफलता के लिए ईमानदारी से मेहनत करने की जरूरत है। असफलता से घबराना नहीं चाहिए। प्रियंका शुक्ला को नकद और शील्ड देकर कॉलेज परिवार ने सम्मानित किया। प्रियंका शुक्ला को स्नातक कला वर्ग में विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान पाने पर राज्यपाल राम नाईक ने गोल्ड मेडल दिया था। इस दौरान डॉ. अनिल मिश्रा, सुशील मिश्रा, श्याम सुंदर यादव, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. संजय यादव, जितेंद्र गुप्ता, धीरेंद्र यादव, तारकेश्वर तिवारी, विवेक तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शिक्षक बनना चाहती हैं प्रियंका
पिपरा शुक्ल निवासी युगधारी शुक्ला की बेटी प्रियंका शुक्ला बचपन से मेधावी रही हैं। उसने हाईस्कूल और इंटर में भी अच्छे अंक हासिल किए थे। स्नातक कला वर्ग में 74 प्रतिशत मॉर्क लाकर विश्वविद्यालय टॉप किया। प्रियंका का कहना है कि वह इस समय कंप्यूटर कोर्स कर रही हैं। शिक्षक बनकर शिक्षा को बढ़ावा देना लक्ष्य है।
विज्ञापन