{"_id":"59fb4e414f1c1bec538babe9","slug":"81509641793-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंप में दलालों का भरमार, दिव्यांग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंप में दलालों का भरमार, दिव्यांग परेशान
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में दिब्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के इंतजार में बैठे दिब्यांग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। कैंप में पहुंच रहे दिव्यांगों को दलालों की मदद लेनी पड़ रही है। इसके लिए लोगों को रकम खर्च करना पड़ रही है। दलालों की टीम में एक संस्था का वर्कर भी शामिल है। इसकी शिकायत पूर्व में अफसरों तक पहुंच चुकी है।
जिला अस्पताल के 22 नंबर में हाल में प्रत्येक गुरुवार को दिव्यांगों का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए और जांच के लिए कैप लगता है। इसके लिए अब ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए दिव्यांगों को 100 रुपये खर्च करना पड़ रहे हैं। इसके अलावा कार्यालय में जमा होने वाला फार्म अस्पताल से मिलने की बजाए लोगों को पांच रुपये में फोटो स्टेट की दुकानों से खरीदनी पड़ रही है। भाटपाररानी के मदनचक निवासी कमलेश, मईल के नरसिहडाड़ गांव निवासी प्रेमप्रकाश, बनकटा के सुंदरपार गांव निवासी जमानती देवी ऑनलाइन आवेदन करने के बाद 20 दिनों से हफ्ते में लगने वाले कैंप का चक्कर लगा रहे है। इनका आरोप है कि कार्यालय में सीधे जाने पर तैनात बाबू व कर्मचारी अगले कैंप में आने की बात कह लौटा देते है। वहां मौजूद दलाल या एक संस्था के वर्कर के माध्यम से जाने वाले दिव्यांगों का काम आसानी से हो जाता है। दिव्यांगों से जांच में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता लिखवाने के लिए दो हजार से पांच हजार रुपये तक दलाल वसूलते हैं। पूर्व में एक दिव्यांग ने संस्था से जुड़े वर्कर की शिकायत सीएमओ से किया था। इसके बाद कुछ दिनों तक दलालों आना-जाना कम था। लेकिन दिनों दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि मौखिक शिकायतें मिलती है। लिखित मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती, लेकिन इस पर ध्यान है।
रिटायर्ड कर्मचारी को दी गई विदाई
देवरिया। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार कल्याण समिति की ओर से शंकर उत्सव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एसपी शर्मा को विदाई दिया गया। इस दौरान एक्सईएन आरके चौधरी, शरद कुमार, केएन राय, दीपक सिंह, संतोष श्रीवास्तव, बबलू सिंह, संतोष उपाध्याय, लोकेश राय, संजीव सिंह, राणा सिंह, शैलेश शुक्ला, सोनकर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल के 22 नंबर में हाल में प्रत्येक गुरुवार को दिव्यांगों का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए और जांच के लिए कैप लगता है। इसके लिए अब ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए दिव्यांगों को 100 रुपये खर्च करना पड़ रहे हैं। इसके अलावा कार्यालय में जमा होने वाला फार्म अस्पताल से मिलने की बजाए लोगों को पांच रुपये में फोटो स्टेट की दुकानों से खरीदनी पड़ रही है। भाटपाररानी के मदनचक निवासी कमलेश, मईल के नरसिहडाड़ गांव निवासी प्रेमप्रकाश, बनकटा के सुंदरपार गांव निवासी जमानती देवी ऑनलाइन आवेदन करने के बाद 20 दिनों से हफ्ते में लगने वाले कैंप का चक्कर लगा रहे है। इनका आरोप है कि कार्यालय में सीधे जाने पर तैनात बाबू व कर्मचारी अगले कैंप में आने की बात कह लौटा देते है। वहां मौजूद दलाल या एक संस्था के वर्कर के माध्यम से जाने वाले दिव्यांगों का काम आसानी से हो जाता है। दिव्यांगों से जांच में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता लिखवाने के लिए दो हजार से पांच हजार रुपये तक दलाल वसूलते हैं। पूर्व में एक दिव्यांग ने संस्था से जुड़े वर्कर की शिकायत सीएमओ से किया था। इसके बाद कुछ दिनों तक दलालों आना-जाना कम था। लेकिन दिनों दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि मौखिक शिकायतें मिलती है। लिखित मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती, लेकिन इस पर ध्यान है।
विज्ञापन
रिटायर्ड कर्मचारी को दी गई विदाई
देवरिया। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार कल्याण समिति की ओर से शंकर उत्सव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एसपी शर्मा को विदाई दिया गया। इस दौरान एक्सईएन आरके चौधरी, शरद कुमार, केएन राय, दीपक सिंह, संतोष श्रीवास्तव, बबलू सिंह, संतोष उपाध्याय, लोकेश राय, संजीव सिंह, राणा सिंह, शैलेश शुक्ला, सोनकर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन