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लाल निशान के करीब पहुंची राप्ती और गोर्रा नदी
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:47 PM IST
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रुद्रपुर। राप्ती और गोर्रा का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। दोनों नदियां प्रतिदिन एक मीटर की रफ्तार बढ़ रही हैं। मंगलवार की शाम राप्ती और गोर्रा के जलस्तर में एक मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। गोर्रा 69 मीटर पर पहुंच गई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऊपर से मूसलाधार बारिश बंधों को क्षति पहुंचा रही है।
पूरी तरह से जर्जर बंधों पर कटान तेज हो जाने से सिंचाई विभाग के होश उड़े हैं। गोर्रा नदी पिड़री, ईश्वरपुरा, पलिया सुल्तानी, नरायनपुर, माझा भीमसेन, पांडेय माझा और बहोरादलपतपुर में तेजी से कटान कर रही है। यहां बांध पर 24 घंटे खतरा बना हुआ है। सुल्तानी और माझा भीमसेन में बांध कटा तो दोआबा के 52 और कछार के 64 गांवों में कोहराम मचना तय है। दोनों नदियों के जलस्तर के रफ्तार से दो दिन में खतरे का निशान पार करने का कयास लगाया जा रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान 70.50 मीटर से सिर्फ डेढ़ मीटर नीचे रह गई हैं। प्रशासन बाढ़ के खतरे को लेकर चौकस है। रुद्रपुर में बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बाढ़ से निपटने की तैैयारी पूरी : एसडीएम
एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों की ड्यूूटी लगा दी गई है। प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुुंचाने का इंतजाम किया गया है। बांधों की सुरक्षा को सिंचाई विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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पूरी तरह से जर्जर बंधों पर कटान तेज हो जाने से सिंचाई विभाग के होश उड़े हैं। गोर्रा नदी पिड़री, ईश्वरपुरा, पलिया सुल्तानी, नरायनपुर, माझा भीमसेन, पांडेय माझा और बहोरादलपतपुर में तेजी से कटान कर रही है। यहां बांध पर 24 घंटे खतरा बना हुआ है। सुल्तानी और माझा भीमसेन में बांध कटा तो दोआबा के 52 और कछार के 64 गांवों में कोहराम मचना तय है। दोनों नदियों के जलस्तर के रफ्तार से दो दिन में खतरे का निशान पार करने का कयास लगाया जा रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान 70.50 मीटर से सिर्फ डेढ़ मीटर नीचे रह गई हैं। प्रशासन बाढ़ के खतरे को लेकर चौकस है। रुद्रपुर में बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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बाढ़ से निपटने की तैैयारी पूरी : एसडीएम
एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों की ड्यूूटी लगा दी गई है। प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुुंचाने का इंतजाम किया गया है। बांधों की सुरक्षा को सिंचाई विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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