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रुद्रपुर में गरजने लगी गोर्रा और राप्ती नदी
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:39 PM IST
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रुद्रपुर/एकौना। दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से रुद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ की आशंका तेजी से बढ़ने लगी है। कछार और दोआबा क्षेत्र में राप्ती और गोर्रा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान को छूने के करीब हैं। सोमवार की शाम गोर्रा का जलस्तर 68 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 70.50 मीटर की ओर तेजी से बढ़ रही है। नदियों का जलस्तर 24 घंटे में एक मीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
लगातार बारिश से दोआबा और कछार के सारे बंधे नम हो गए हैं। बंधों की दयनीय दशा को देख बाढ़ से प्रभावित 116 गांवों के लोगों में दहशत हैं। सोमवार को जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी के साथ गोर्रा नदी ने सुल्तानी बांध पर कटान तेज कर दी। यहां नदी बांध पर सीधे टकरा रही है। बंधे से सटे गांव के लोग नदी का रौद्र रूप देख रात भर पहरा दे रहे हैं। राप्ती नदी पर बने तटबंध तिघरा-मराछी पर दबाव तेज हो गया। यहां तिघरा के पास नदी तेजी से कटान कर बंधे की ओर बढ़ रही है। कटान रोकने को सिंचाई विभाग बालू की बोरी डालकर असफल प्रयास कर रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती गांव में कोहराम है। सुल्तानी के पास बांध कटा तो दोआबा के 52 गांव जलमग्न हो जाएंगे। माझा भीमसेन में कटान तेज होने से कछार के 64 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बना है। इस बाबत बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कटान स्थलों पर बाढ़ कार्य खंड मुस्तैदी से लगा है। अभी बंधों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।
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लगातार बारिश से दोआबा और कछार के सारे बंधे नम हो गए हैं। बंधों की दयनीय दशा को देख बाढ़ से प्रभावित 116 गांवों के लोगों में दहशत हैं। सोमवार को जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी के साथ गोर्रा नदी ने सुल्तानी बांध पर कटान तेज कर दी। यहां नदी बांध पर सीधे टकरा रही है। बंधे से सटे गांव के लोग नदी का रौद्र रूप देख रात भर पहरा दे रहे हैं। राप्ती नदी पर बने तटबंध तिघरा-मराछी पर दबाव तेज हो गया। यहां तिघरा के पास नदी तेजी से कटान कर बंधे की ओर बढ़ रही है। कटान रोकने को सिंचाई विभाग बालू की बोरी डालकर असफल प्रयास कर रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती गांव में कोहराम है। सुल्तानी के पास बांध कटा तो दोआबा के 52 गांव जलमग्न हो जाएंगे। माझा भीमसेन में कटान तेज होने से कछार के 64 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बना है। इस बाबत बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कटान स्थलों पर बाढ़ कार्य खंड मुस्तैदी से लगा है। अभी बंधों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।
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