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व्यापारियों के पक्ष में आए जमीदार, नगर प्रशासन को ठहराया गलत
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:45 PM IST
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व्यापारियों के पक्ष में आए लार के जमींदार
एसडीएम के सामने पुरजोर तरीके से लोगों ने रखा पक्ष
दो घंटे तक चली बैठक, अफसरों ने सबकी बातें सुनीं
अमर उजाला ब्यूरो
लार। मार्ग चौड़ीकरण के लिए नगर में बनी दुकानें व आशियाना तोड़ने को लेकर माहौल गरमा गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने दुकानदारों और जमींदारों के साथ नगर पंचायत कार्यालय कैंपस में बैठक किया। जमींदारों ने खुद की जमीन बताते हुए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस को गलत बताया। नाराज दुकानदारों ने नगर प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दिया।
नगर में सड़कों के किनारे बने मकान व दुकानों को तोड़ने के लिए नगर प्रशासन ने एक माह पूर्व 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया था। व्यापारियों ने इसे गलत बताते हुए नगर प्रशासन पर प्रतिशोध में नोटिस जारी करने और तानाशाही का आरोप लगाया। शिव दयाल सिंह ने कहा कि लार बाजार की सभी जमीनें जमींदारों की है। नगर प्रशासन को जमीदारों को नोटिस जारी करना चाहिए, लेकिन वह दुकानदारों को नोटिस दे रही है। नगर का तालाब, दुकान और बाजार की अधिकांश जमीनें जमींदारों की है। किसी भी कीमत पर दुकान और गरीबों के घरों को नहीं टूटने दिया जाएगा। शंभूशरण सिंह ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन मनमानी कर रहा है, लेकिन वह अपने मिशन में कामयाब नहीं होंगे। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा। सभासद रीमा सिंह ने भी गरीबों के लिए आवाज बुलंद किया। व्यापारियों ने दुकान या मकान टूटने या दोबारा नोटिस मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। वहीं शैलेंद्र सिंह ने भी गरीबों का आशियाना टूटने को गलत ठहराया। एसडीएम शशिभूषण ने बताया कि सभी का पक्ष जाना गया है और आपत्ति भी ली गई है। कानूनी रूप से जो सही होगा वहीं किया जाएगा। इस दौरान जगदीश यादव, ईओ आरडी यादव, शैलेंद्र सिंह, रविंद्र वर्मा, सतीश बरनवाल आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम के सामने पुरजोर तरीके से लोगों ने रखा पक्ष
दो घंटे तक चली बैठक, अफसरों ने सबकी बातें सुनीं
अमर उजाला ब्यूरो
लार। मार्ग चौड़ीकरण के लिए नगर में बनी दुकानें व आशियाना तोड़ने को लेकर माहौल गरमा गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने दुकानदारों और जमींदारों के साथ नगर पंचायत कार्यालय कैंपस में बैठक किया। जमींदारों ने खुद की जमीन बताते हुए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस को गलत बताया। नाराज दुकानदारों ने नगर प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दिया।
नगर में सड़कों के किनारे बने मकान व दुकानों को तोड़ने के लिए नगर प्रशासन ने एक माह पूर्व 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया था। व्यापारियों ने इसे गलत बताते हुए नगर प्रशासन पर प्रतिशोध में नोटिस जारी करने और तानाशाही का आरोप लगाया। शिव दयाल सिंह ने कहा कि लार बाजार की सभी जमीनें जमींदारों की है। नगर प्रशासन को जमीदारों को नोटिस जारी करना चाहिए, लेकिन वह दुकानदारों को नोटिस दे रही है। नगर का तालाब, दुकान और बाजार की अधिकांश जमीनें जमींदारों की है। किसी भी कीमत पर दुकान और गरीबों के घरों को नहीं टूटने दिया जाएगा। शंभूशरण सिंह ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन मनमानी कर रहा है, लेकिन वह अपने मिशन में कामयाब नहीं होंगे। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा। सभासद रीमा सिंह ने भी गरीबों के लिए आवाज बुलंद किया। व्यापारियों ने दुकान या मकान टूटने या दोबारा नोटिस मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। वहीं शैलेंद्र सिंह ने भी गरीबों का आशियाना टूटने को गलत ठहराया। एसडीएम शशिभूषण ने बताया कि सभी का पक्ष जाना गया है और आपत्ति भी ली गई है। कानूनी रूप से जो सही होगा वहीं किया जाएगा। इस दौरान जगदीश यादव, ईओ आरडी यादव, शैलेंद्र सिंह, रविंद्र वर्मा, सतीश बरनवाल आदि मौजूद रहे।
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