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वेदों के विज्ञान परख शोध की है जरूरत: डॉ. उपेंद्र
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कुंडली
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देवरिया। बीएचयू के वेद विभागाध्यक्ष एवं वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वैदिक योग एक विज्ञान है, जिसके माध्यम से हम प्रकृति से तालमेल बनाने में सफल होते हैं। पिछले कुछ दशकों से वैदिक योग न होने के कारण प्रकृति में असंतुलन देखा जा रहा है। आवश्यकता है वैदिक योगों पर विज्ञान परक शोध की, जिसके माध्यम से कृषि, पर्यावरण आदि सहित अन्य क्षेत्रों में नया आयाम दिया जा सके।
डॉ.त्रिपाठी श्री बैकुंठनाथ पवहारी संस्कृत महाविद्यालय बकुंठपुर में ऋषि भारद्वाज ज्योतिष अनुसंधान एवं जन कल्याण केंद्र देवरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पंद्रह दिवसीय ज्योतिष-वास्तु-कर्मकांड विषयक कार्यशाला के दसवें दिन यज्ञ के महत्व विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वेदों में विज्ञान परक शोध के द्वारा समाज को जोड़ने की आवश्यकता है। ताकि वेदों में छिपे रहस्य से आम लोग परिचित हो सकें। हम चाहें तो वेद में निर्दिष्ट मंत्रों से आयुर्वेद, तकनीकी, मौसम आदि विषयों का वैज्ञानिक रहस्य उजागर कर सकते हैं। इस दौरान डॉ.युगुल किशोर तिवारी, मनीष शुक्ल, विवेक उपाध्याय, विश्वंभर मिश्र, उमेश द्विवेदी, संजय पांडेय, नीरज तिवारी, मनीष मिश्र, रानी कुमारी चौरसिया, रवि मधुसूदन चौरसिया, नरेंद्र देव शुक्ल, डॉ.वंदना सिंह, प्रभा कुमारी, सत्यम, प्रशांत आदि मौजूद रहे।
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डॉ.त्रिपाठी श्री बैकुंठनाथ पवहारी संस्कृत महाविद्यालय बकुंठपुर में ऋषि भारद्वाज ज्योतिष अनुसंधान एवं जन कल्याण केंद्र देवरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पंद्रह दिवसीय ज्योतिष-वास्तु-कर्मकांड विषयक कार्यशाला के दसवें दिन यज्ञ के महत्व विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वेदों में विज्ञान परक शोध के द्वारा समाज को जोड़ने की आवश्यकता है। ताकि वेदों में छिपे रहस्य से आम लोग परिचित हो सकें। हम चाहें तो वेद में निर्दिष्ट मंत्रों से आयुर्वेद, तकनीकी, मौसम आदि विषयों का वैज्ञानिक रहस्य उजागर कर सकते हैं। इस दौरान डॉ.युगुल किशोर तिवारी, मनीष शुक्ल, विवेक उपाध्याय, विश्वंभर मिश्र, उमेश द्विवेदी, संजय पांडेय, नीरज तिवारी, मनीष मिश्र, रानी कुमारी चौरसिया, रवि मधुसूदन चौरसिया, नरेंद्र देव शुक्ल, डॉ.वंदना सिंह, प्रभा कुमारी, सत्यम, प्रशांत आदि मौजूद रहे।
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