{"_id":"5ae0b78b4f1c1b5c098b67bc","slug":"61524676491-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ना कानून का डर, ना जीवन की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ना कानून का डर, ना जीवन की चिंता
Updated Wed, 25 Apr 2018 10:59 PM IST
विज्ञापन
बिना हेलमेट सड़क पर फर्राटा भरने वालों की भी अपने शहर में कमी नहीं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। तीन दिन हो गए। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जगह पुलिस लोगों को इनके पालन की अपील कर रही है। यह परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा कार्यक्रम का नतीजा है। मंशा है, नियमों का पालन हो। लोग सड़क पर सुरक्षित सफर करें। लेकिन अब भी बिना हेलमेट फर्राटा भरते बाइक सवार आम दिख रहे हैं। लगता है, ऐसे लोगों को न तो नियमों की परवाह है न ही अपनी जान की।
सड़कों पर वाहन चालक यदि यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं तो यह दुर्घटना को खुला आमंत्रण है। सभी जानते हैं पर तमाम लोग ऐसे हैं जो बिना हेलमेट तेज रफ्तार में दोपहिया वाहन दौड़ाते हैं। किशोर तो बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक और कार तक चला रहे हैं। नियमों की अनदेखी और गति पर नियंत्रण न होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वे लोग जो नियमों का पालन करते हैं, वे इसके लिए जिम्मेदार विभागों की ओर से कड़ी कार्रवाई नहीं किए जाने को जिम्मेदार बताते हैं। बात सड़क सुरक्षा जैसे अभियान की हो तो वे कहते हैं इसे नियमित रूप से चलाया जाए और दूसरी तरफ कार्रवाई भी हो तो ही सड़क दुर्घटना में कमी आ सकती है।
शहर में दिन-प्रतिदिन वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि दोपहिया या चार पहिया, वाहन तो लोग खरीद लेते हैं। चलाने भी लगते हैं लेकिन यातायात नियमों के पालन के प्रति या तो उदासीन होते हैं या फिर अनभिज्ञ। अभिभावक भी नाबालिगों पर लगाम नहीं लगाते। पुलिस चेकिंग तो करती है पर वाहनों को रोके जाने से प्राय: जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। पुलिस इससे बचने की कोशिश करती है तो नियम तोड़ने वालों को राह िमल जाती है। परिवहन विभाग की ओर से 23 अप्रैल से शुरू हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जनजागरूकता के लिए रोज कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
विज्ञापन
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इस बार 23 अप्रैल को सभी दो पहिया और चार पहिया वाहनों के डीलर्स को बुलाकर जागरूक किया गया। बताया गया कि बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन न बेचें। दूसरे दिन सूर्या एकेडमी से जागरूकता रैली निकाली गई। बुधवार को तीसरे दिन सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। बृहस्पतिवार को रामपुर कारखाना डायट पर कार्यक्रम है। शुक्रवार को कार्यालय पर नेत्र परीक्षण कराया जाएगा। शनिवार को अधिवक्ताओं से वार्ता कर जागरूकता लाने का प्रयास होगा। वहीं, अंतिम दिन रविवार को सुभाष चौक पर सड़क हादसे में मारे गए लोगों को कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
विज्ञापन
सड़कों पर वाहन चालक यदि यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं तो यह दुर्घटना को खुला आमंत्रण है। सभी जानते हैं पर तमाम लोग ऐसे हैं जो बिना हेलमेट तेज रफ्तार में दोपहिया वाहन दौड़ाते हैं। किशोर तो बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक और कार तक चला रहे हैं। नियमों की अनदेखी और गति पर नियंत्रण न होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वे लोग जो नियमों का पालन करते हैं, वे इसके लिए जिम्मेदार विभागों की ओर से कड़ी कार्रवाई नहीं किए जाने को जिम्मेदार बताते हैं। बात सड़क सुरक्षा जैसे अभियान की हो तो वे कहते हैं इसे नियमित रूप से चलाया जाए और दूसरी तरफ कार्रवाई भी हो तो ही सड़क दुर्घटना में कमी आ सकती है।
विज्ञापन
शहर में दिन-प्रतिदिन वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि दोपहिया या चार पहिया, वाहन तो लोग खरीद लेते हैं। चलाने भी लगते हैं लेकिन यातायात नियमों के पालन के प्रति या तो उदासीन होते हैं या फिर अनभिज्ञ। अभिभावक भी नाबालिगों पर लगाम नहीं लगाते। पुलिस चेकिंग तो करती है पर वाहनों को रोके जाने से प्राय: जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। पुलिस इससे बचने की कोशिश करती है तो नियम तोड़ने वालों को राह िमल जाती है। परिवहन विभाग की ओर से 23 अप्रैल से शुरू हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जनजागरूकता के लिए रोज कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
विज्ञापन
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इस बार 23 अप्रैल को सभी दो पहिया और चार पहिया वाहनों के डीलर्स को बुलाकर जागरूक किया गया। बताया गया कि बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन न बेचें। दूसरे दिन सूर्या एकेडमी से जागरूकता रैली निकाली गई। बुधवार को तीसरे दिन सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। बृहस्पतिवार को रामपुर कारखाना डायट पर कार्यक्रम है। शुक्रवार को कार्यालय पर नेत्र परीक्षण कराया जाएगा। शनिवार को अधिवक्ताओं से वार्ता कर जागरूकता लाने का प्रयास होगा। वहीं, अंतिम दिन रविवार को सुभाष चौक पर सड़क हादसे में मारे गए लोगों को कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी जाएगी।