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अस्पताल में गंदगी का अंबार, बेखबर जिम्मेदार
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:23 PM IST
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देवरिया। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में स्वच्छ भारत मिशन दम तोड़ रहा है। अस्पताल में चारो तरफ गंदगी फैली हुई देखी जा सकती है। दोनों अस्पताल मिलाकर सफाई के नाम पर प्रति महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी यहां यह स्थिति है।
स्वच्छ भारत मिशन को तीन साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। जिला चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय की सफाई व्यवस्था बदहाल है। दोनों अस्पतालों के वार्ड और बरामदे के बाहर गंदगी फैली है। कभी-कभी वार्ड और बरामदे में कूड़े का ढेर लगाकर छोड़ दिया जाता है। दोनों अस्पतालों को मिलाकर 60 से अधिक सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। इसके बाद भी सफाई नहीं होना जिम्मेदारों की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के सामने कूड़े का ढेर लगा है। इससे भी खराब स्थिति महिला अस्पताल के इमरजेंसी के पास की है। इस बाबत सीएमओ डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि पहले वाली फर्म सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी। दूसरी फर्म को ठेका दिया गया है। खुद निरीक्षण कर स्थिति देखेंगे। चेतावनी देने पर सुधार नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जहां मर्जी खड़ी कर देते हैं बाइक
जिला अस्पताल के बरामदे में अक्सर लोग अपनी बाइक खड़ी कर देते हैं। शुक्रवार को एक सिपाही महिला वार्ड तक अपनी बाइक लेकर पहुंच गया। उसके बाइक लेकर पहुंचने से पहले यहां एक स्कूटी भी खड़ी थी।
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स्वच्छ भारत मिशन को तीन साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। जिला चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय की सफाई व्यवस्था बदहाल है। दोनों अस्पतालों के वार्ड और बरामदे के बाहर गंदगी फैली है। कभी-कभी वार्ड और बरामदे में कूड़े का ढेर लगाकर छोड़ दिया जाता है। दोनों अस्पतालों को मिलाकर 60 से अधिक सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। इसके बाद भी सफाई नहीं होना जिम्मेदारों की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के सामने कूड़े का ढेर लगा है। इससे भी खराब स्थिति महिला अस्पताल के इमरजेंसी के पास की है। इस बाबत सीएमओ डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि पहले वाली फर्म सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी। दूसरी फर्म को ठेका दिया गया है। खुद निरीक्षण कर स्थिति देखेंगे। चेतावनी देने पर सुधार नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जहां मर्जी खड़ी कर देते हैं बाइक
जिला अस्पताल के बरामदे में अक्सर लोग अपनी बाइक खड़ी कर देते हैं। शुक्रवार को एक सिपाही महिला वार्ड तक अपनी बाइक लेकर पहुंच गया। उसके बाइक लेकर पहुंचने से पहले यहां एक स्कूटी भी खड़ी थी।
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