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फाइनेंस कंपनी के सीएमडी समेत सात पर धोखाधड़ी व गबन का केस
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फाइनेंस कंपनी के सीएमडी समेत सात पर धोखाधड़ी व गबन का केस
- तीन साल में रकम डेढ़ गुना करने का झांसा देकर जमा कराए थे रुपये
रामपुर कारखाना (देवरिया)। कोर्ट के आदेश पर रामपुर कारखाना पुलिस ने एक फाइनेंस कंपनी के सीएमडी समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। कंपनी संचालकों ने तीन साल में रुपये डेढ़ गुना करने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये जमा कराए और कंपनी बंद कर भाग गए। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी अनिल यादव पुत्र कोमल यादव चौराहे पर पान और सुर्ती बेचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि विश्वामित्र इंटरनेशनल इंफ्रा लिमिटेड की रामपुर कारखाना में शाखा थी। शाखा प्रबंधक राजू गौतम निवासी खोराराम सदर कोतवाली और राघव गुप्ता निवासी वैद्य मिश्रौली थाना भटनी के झांसे में आकर अपनी पत्नी इंद्रावती देवी के नाम से दस हजार रुपये 30 जुलाई 2014 को जमा किया। एक साल बाद कंपनी में 16850 रुपये और जमा किए। वर्ष 2017 में कंपनी ने अपना कामकाज समेट कर शाखा बंद कर दी। इसके बाद पीड़ित देवरिया, गोरखपुर कार्यालय का चक्कर लगाता रहा। पुलिस में सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रामपुर कारखाना पुलिस ने राजू गौतम, राघव गुप्ता, कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार चंद, एमडी पंकज कुमार चंद और मनीष कुमार चंद, कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक रासबिहारी श्रीवास्तव और वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रामाश्रय शाह निवासी रामपुर खुरहरिया थाना भटनी के खिलाफ धोखाधड़ी गबन और धमकी देने का केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- तीन साल में रकम डेढ़ गुना करने का झांसा देकर जमा कराए थे रुपये
रामपुर कारखाना (देवरिया)। कोर्ट के आदेश पर रामपुर कारखाना पुलिस ने एक फाइनेंस कंपनी के सीएमडी समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। कंपनी संचालकों ने तीन साल में रुपये डेढ़ गुना करने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये जमा कराए और कंपनी बंद कर भाग गए। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी अनिल यादव पुत्र कोमल यादव चौराहे पर पान और सुर्ती बेचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि विश्वामित्र इंटरनेशनल इंफ्रा लिमिटेड की रामपुर कारखाना में शाखा थी। शाखा प्रबंधक राजू गौतम निवासी खोराराम सदर कोतवाली और राघव गुप्ता निवासी वैद्य मिश्रौली थाना भटनी के झांसे में आकर अपनी पत्नी इंद्रावती देवी के नाम से दस हजार रुपये 30 जुलाई 2014 को जमा किया। एक साल बाद कंपनी में 16850 रुपये और जमा किए। वर्ष 2017 में कंपनी ने अपना कामकाज समेट कर शाखा बंद कर दी। इसके बाद पीड़ित देवरिया, गोरखपुर कार्यालय का चक्कर लगाता रहा। पुलिस में सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रामपुर कारखाना पुलिस ने राजू गौतम, राघव गुप्ता, कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार चंद, एमडी पंकज कुमार चंद और मनीष कुमार चंद, कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक रासबिहारी श्रीवास्तव और वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रामाश्रय शाह निवासी रामपुर खुरहरिया थाना भटनी के खिलाफ धोखाधड़ी गबन और धमकी देने का केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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