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सरकार की नीतियों से गिर रही बीएसएनएल की साख
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:27 PM IST
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देवरिया। मांगों को लेकर बीएसएनएल कर्मचारियों ने गुुरुवार को कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण बीएसएनएल की साख गिर रही है। प्रदर्शन फोरम ऑफ बीएसएनएल एसोसिएशन के आह्वान पर किया गया था।
कर्मचारी नेता राजनंदन गुप्ता ने कहा कि संगठन की मुख्य मांगें एक जनवरी-2017 से वेतन और पेंशन संशोधन, सीधी भर्ती कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ और ट्रेड यूनियन गतिविधियों से बैन हटाने की है। यदि कर्मचारियों को एक जनवरी-2017 से वेतन संशोधन नहीं मिलता है तो पेंशन में भी नुकसान होगा। जब तक वेतन संशोधन नहीं मिल जाता आंदोलन चलता रहेगा। जिला सचिव कृष्णमुरारी मिश्र ने कहा कि बीएसएनएल में तीस हजार से अधिक सीधी भर्ती कर्मचारी हें। वे पेंशन के पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि वेतन के 30 प्रतिशत को सेवानिवृत्त लाभ के लिए रखा जाना चाहिए। प्रबंधन ने तया किया है कि वह सिर्फ तीन प्रतिशत अंशदान में जमा करेगा, जो मंजूर नहीं है। संयुक्त मोर्चा इसके लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगा। पीके मल्ल, हरेराम दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। रविंद्र यादव और अवधेश प्रसाद ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। इस दौरा जयप्रकाश, रमेश यादव, सतीश कुमार पांडेय, शैलेंद्र कुमार, राजेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारी नेता राजनंदन गुप्ता ने कहा कि संगठन की मुख्य मांगें एक जनवरी-2017 से वेतन और पेंशन संशोधन, सीधी भर्ती कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ और ट्रेड यूनियन गतिविधियों से बैन हटाने की है। यदि कर्मचारियों को एक जनवरी-2017 से वेतन संशोधन नहीं मिलता है तो पेंशन में भी नुकसान होगा। जब तक वेतन संशोधन नहीं मिल जाता आंदोलन चलता रहेगा। जिला सचिव कृष्णमुरारी मिश्र ने कहा कि बीएसएनएल में तीस हजार से अधिक सीधी भर्ती कर्मचारी हें। वे पेंशन के पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि वेतन के 30 प्रतिशत को सेवानिवृत्त लाभ के लिए रखा जाना चाहिए। प्रबंधन ने तया किया है कि वह सिर्फ तीन प्रतिशत अंशदान में जमा करेगा, जो मंजूर नहीं है। संयुक्त मोर्चा इसके लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगा। पीके मल्ल, हरेराम दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। रविंद्र यादव और अवधेश प्रसाद ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। इस दौरा जयप्रकाश, रमेश यादव, सतीश कुमार पांडेय, शैलेंद्र कुमार, राजेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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