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Deoria News: गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी को तीन वर्ष का कारावास
Fri, 29 Mar 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:45 AM IST
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आरोपी की उम्र देखकर अदालत ने बरती नरमी, 31 वर्ष पूर्व का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मईल थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा मिस्र में 31 वर्ष पूर्व हुए गैरइरादतन हत्या के मामले में 75 वर्षीय दोषी को गुरुवार को सजा सुना दी गई। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने आरोपी को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित करने का फैसला सुनाया।
अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह ने बताया कि दो अगस्त 1993 को 6:00 बजे सुबह सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेने के विवाद को लेकर ग्राम दीवाढार निवासी अवध नारायण मिश्र के भाई सुधाकर मिश्र व अजय प्रकाश मिश्रा पुत्र त्रियुगी मिश्र निवासी पिपरा मिश्र थाना मईल के साथ कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के कारण 5:30 शाम जब सुधाकर मिश्रा अपने भतीजे अरविंद मिश्रा के साथ बगीचे में बैठे हुए थे तो अजय प्रकाश मिश्रा अपने तीन भाइयों व विजय प्रकाश तथा मनमोहन उर्फ रवि के साथ हमला बोल दिया।
अजय प्रकाश मिश्रा के मारने से अरविंद मिश्रा के सिर में गंभीर चोट आई। जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही अरविंद की मृत्यु हो गई। अवध नारायण मिश्र की सूचना पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा थाना मईल में दर्ज हुआ।
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उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने पाया कि अजय, संजय पुत्र सच्चिदानंद मिश्रा व विजय प्रकाश के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं पाया गया। अजय प्रकाश मिश्रा को गैरइरादतन हत्या में दोषी पाए जाने पर उनकी उम्र को देखते हुए अदालत ने नरमी बरतते हुए तीन वर्ष के कठोर दंड से दंडित करने का फैसला सुनाया।
भतीजे को खो दिया, फैसला संतोषजनक नहीं
मईल। थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा मिश्र में गैरइरादतन हत्या मामले में 31 वर्ष बाद न्यायालय के फैसले पर डिवाढार निवासी वादी अवधनारायण मिश्र ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इतने दिन न्यायालय के फैसले के इंतजार के बाद फैसला संतोषजनक नहीं है। मैंने अपने भतीजे को भी खो दिया लेकिन न्याय नहीं मिला।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मईल थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा मिस्र में 31 वर्ष पूर्व हुए गैरइरादतन हत्या के मामले में 75 वर्षीय दोषी को गुरुवार को सजा सुना दी गई। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने आरोपी को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित करने का फैसला सुनाया।
अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह ने बताया कि दो अगस्त 1993 को 6:00 बजे सुबह सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेने के विवाद को लेकर ग्राम दीवाढार निवासी अवध नारायण मिश्र के भाई सुधाकर मिश्र व अजय प्रकाश मिश्रा पुत्र त्रियुगी मिश्र निवासी पिपरा मिश्र थाना मईल के साथ कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के कारण 5:30 शाम जब सुधाकर मिश्रा अपने भतीजे अरविंद मिश्रा के साथ बगीचे में बैठे हुए थे तो अजय प्रकाश मिश्रा अपने तीन भाइयों व विजय प्रकाश तथा मनमोहन उर्फ रवि के साथ हमला बोल दिया।
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अजय प्रकाश मिश्रा के मारने से अरविंद मिश्रा के सिर में गंभीर चोट आई। जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही अरविंद की मृत्यु हो गई। अवध नारायण मिश्र की सूचना पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा थाना मईल में दर्ज हुआ।
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उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने पाया कि अजय, संजय पुत्र सच्चिदानंद मिश्रा व विजय प्रकाश के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं पाया गया। अजय प्रकाश मिश्रा को गैरइरादतन हत्या में दोषी पाए जाने पर उनकी उम्र को देखते हुए अदालत ने नरमी बरतते हुए तीन वर्ष के कठोर दंड से दंडित करने का फैसला सुनाया।
भतीजे को खो दिया, फैसला संतोषजनक नहीं
मईल। थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा मिश्र में गैरइरादतन हत्या मामले में 31 वर्ष बाद न्यायालय के फैसले पर डिवाढार निवासी वादी अवधनारायण मिश्र ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इतने दिन न्यायालय के फैसले के इंतजार के बाद फैसला संतोषजनक नहीं है। मैंने अपने भतीजे को भी खो दिया लेकिन न्याय नहीं मिला।