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धूमधाम से संपन्न हुआ सामूहिक विवाह, 54 जोड़ो की हुई शादी
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:11 PM IST
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जोडो को अशिर्वाद देते कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। पुलिस लाइंस परिसर शुक्रवार को 55 जोड़ों की शादी का गवाह बना। इनमें 46 जोड़ों ने सात फेरे लिए, जबकि नौ को निकाह पढ़ाया गया। हिंदू जोड़ों को की शादी गायत्री पीठ के आचार्य बाबू सिंह की अध्यक्षता में कराई गई। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित शादी समारोह में करीब दो हजार लोग मौजूद थे। सुबह सात बजे ही घराती-बरातियों का आगमन शुरू हो गया था। कन्या पक्ष के ठहरने की व्यवस्था महारानी चंडिका छात्रावास में की गई थी। वर पक्ष को नागरी प्रचारिणी भवन में ठहराया गया था। दोपहर एक बजे सभी जोड़ों को यातायात निरीक्षक रामवृक्ष यादव ने गाजे-बाजे के साथ पुलिस लाइंस पहुंचाया। गेट पर डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी ने माला पहनाकर सभी दूल्हों का स्वागत किया। पंडाल में गीत-संगीत की व्यवस्था की गई थी।
सभी जोड़ों की शादी उनके धर्म के अनुसार कराई गई। कुल 55 जोड़ों में दो तलाकशुदा और दो विधवा शामिल थीं। इस दौरान मुख्य अतिथि ने डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, एएसपी सुरेंद्र बहादुर, समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी, लार एसओ सहित तमाम समाजसेवियों को साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। शादी समारोह संपन्न होने के बाद घराती-बारातियों को भोजन करा कर विदा किया गया।
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आगे से और भव्य होगा आयोजन : शाही
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आगे से सामूहिक विवाह और भव्य तरीके से कराया जाएगा। अभी विभाग के पास चार सौ जोड़ों के सामूहिक विवाह के लिए धनराशि उपलब्ध है। शासन की मंशा है कि गरीब की बेटी बाप के सिर का बोझ न कहलाए। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि शासन की मंशा को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। इस योजना के जरिए कन्याओं के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 20 हजार रुपये भेजे जाएंगे। विधवा, तलाकशुदा, नि:शक्त कन्याओं के खाते में 25 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। साथ ही कन्याओं को 10 हजार रुपये के जरूरत के सामान दिए जा रहे हैं।
दूसरे जिले से भी पहुंचे जोड़े
- दो सौ से अधिक जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य लेकर चल रहे विभाग को शुक्रवार की सुबह तब झटका लगा जब एक दिन पूर्व 110 का दावा 55 पर सिमट गया। यह भी तब हुआ जब एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी ने अपने संपर्कों के माध्यम से दूसरे जिलों से दर्जनों जोड़ों को सामूहिक विवाह का हिस्सा बनाया। बस्ती जिले से आए रूधौली थाना के गुड़ियार गांव निवासी शशि निषाद पुत्र रामजतन की शादी उसी जिले की सुमन के साथ कराई गई।
अधिकारी बोले, खातिरदारी में कोई कमी तो नहीं
अधिकारी की कोशिश रही कि कहीं से कोई शिकायत न आने। समारोह के दौरान पुलिसकर्मी बारात की मेहमानवाजी करते दिखे, जबकि टीएसआई रामवृक्ष यादव बैंड बाजे की धुन पर नाचते दिखे। बाराती बच्चों से भी पुलिस वाले आदर पूर्वक मिले। दूल्हों की खातिरदारी में कोई कमी न रहे इस पर आला अधिकारी भी पैनी नजर बनाए हुए थे।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित शादी समारोह में करीब दो हजार लोग मौजूद थे। सुबह सात बजे ही घराती-बरातियों का आगमन शुरू हो गया था। कन्या पक्ष के ठहरने की व्यवस्था महारानी चंडिका छात्रावास में की गई थी। वर पक्ष को नागरी प्रचारिणी भवन में ठहराया गया था। दोपहर एक बजे सभी जोड़ों को यातायात निरीक्षक रामवृक्ष यादव ने गाजे-बाजे के साथ पुलिस लाइंस पहुंचाया। गेट पर डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी ने माला पहनाकर सभी दूल्हों का स्वागत किया। पंडाल में गीत-संगीत की व्यवस्था की गई थी।
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सभी जोड़ों की शादी उनके धर्म के अनुसार कराई गई। कुल 55 जोड़ों में दो तलाकशुदा और दो विधवा शामिल थीं। इस दौरान मुख्य अतिथि ने डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, एएसपी सुरेंद्र बहादुर, समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी, लार एसओ सहित तमाम समाजसेवियों को साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। शादी समारोह संपन्न होने के बाद घराती-बारातियों को भोजन करा कर विदा किया गया।
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आगे से और भव्य होगा आयोजन : शाही
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आगे से सामूहिक विवाह और भव्य तरीके से कराया जाएगा। अभी विभाग के पास चार सौ जोड़ों के सामूहिक विवाह के लिए धनराशि उपलब्ध है। शासन की मंशा है कि गरीब की बेटी बाप के सिर का बोझ न कहलाए। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि शासन की मंशा को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। इस योजना के जरिए कन्याओं के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 20 हजार रुपये भेजे जाएंगे। विधवा, तलाकशुदा, नि:शक्त कन्याओं के खाते में 25 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। साथ ही कन्याओं को 10 हजार रुपये के जरूरत के सामान दिए जा रहे हैं।
दूसरे जिले से भी पहुंचे जोड़े
- दो सौ से अधिक जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य लेकर चल रहे विभाग को शुक्रवार की सुबह तब झटका लगा जब एक दिन पूर्व 110 का दावा 55 पर सिमट गया। यह भी तब हुआ जब एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी ने अपने संपर्कों के माध्यम से दूसरे जिलों से दर्जनों जोड़ों को सामूहिक विवाह का हिस्सा बनाया। बस्ती जिले से आए रूधौली थाना के गुड़ियार गांव निवासी शशि निषाद पुत्र रामजतन की शादी उसी जिले की सुमन के साथ कराई गई।
अधिकारी बोले, खातिरदारी में कोई कमी तो नहीं
अधिकारी की कोशिश रही कि कहीं से कोई शिकायत न आने। समारोह के दौरान पुलिसकर्मी बारात की मेहमानवाजी करते दिखे, जबकि टीएसआई रामवृक्ष यादव बैंड बाजे की धुन पर नाचते दिखे। बाराती बच्चों से भी पुलिस वाले आदर पूर्वक मिले। दूल्हों की खातिरदारी में कोई कमी न रहे इस पर आला अधिकारी भी पैनी नजर बनाए हुए थे।