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डेडलाइन बीता, वार्डो के आरक्षण का प्रस्ताव तैयार नहीं
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:36 PM IST
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देवरिया। वार्डों के आरक्षण का प्रस्ताव भेजने की डेडलाइन बीत गई। बावजूद इसके तैयार नहीं हो सकी है। इसके चलते निकाय के अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। उधर, संभावित दावेदारों ने नेताओं के दरबार में हाजिरी दे रहे हैं।
जिले के 11 निकायों में 166 वार्ड हैं, जिनका वर्ष 2011 की जनगणना, ओबीसी की नवीनतम रैपिड सर्वे और परिसीमन के आधार पर आरक्षण का निर्धारण होना है, जिसमें महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति को बराबर प्रतिनिधित्व देना है। निदेशालय में भेजे गए प्रस्तावित आरक्षण पर धांधली का आरोप लगाया। जिले के सभी निकायों में वार्डों के आरक्षण का निर्धारण दोबारा करने का फरमान मिला। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने 18 सितंबर तक ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है, लेकिन डेडलाइन बीतने बावजूद सोमवार की शाम तक ब्योरा तैयार नहीं हो सका है। सभासद पद के संभावित दावेेदार हर तरह के कील कांटों को ठीक करने में जुट गए हैं। उनका मानना है कि प्रथम चरण में वार्ड का आरक्षण अपने पक्ष में हो जाए। जनता और विरोधियों के बीच मजबूत होने का दावा बनाया जा सके और समर्थक और वोटर्स के बीच किसी तरह की संशय न रहे।
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जिले के 11 निकायों में 166 वार्ड हैं, जिनका वर्ष 2011 की जनगणना, ओबीसी की नवीनतम रैपिड सर्वे और परिसीमन के आधार पर आरक्षण का निर्धारण होना है, जिसमें महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति को बराबर प्रतिनिधित्व देना है। निदेशालय में भेजे गए प्रस्तावित आरक्षण पर धांधली का आरोप लगाया। जिले के सभी निकायों में वार्डों के आरक्षण का निर्धारण दोबारा करने का फरमान मिला। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने 18 सितंबर तक ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है, लेकिन डेडलाइन बीतने बावजूद सोमवार की शाम तक ब्योरा तैयार नहीं हो सका है। सभासद पद के संभावित दावेेदार हर तरह के कील कांटों को ठीक करने में जुट गए हैं। उनका मानना है कि प्रथम चरण में वार्ड का आरक्षण अपने पक्ष में हो जाए। जनता और विरोधियों के बीच मजबूत होने का दावा बनाया जा सके और समर्थक और वोटर्स के बीच किसी तरह की संशय न रहे।
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