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भूखे पेट नाव चलाकर मजदूरी को भटक रहे नाविक
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:49 PM IST
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रुद्रपुर। दोआबा में आई बाढ़ के दौरान भूखे पेट नाव चलाने के बाद अब नाविकों को मजदूरी के लिए भटकना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाके में बंधों के किनारे नाव ठहरा कर नाविक तहसील में रात काटने को मजबूर हैं। मुसीबत में फंसे लोगों को निकालने वाले नाविक अब खुद मुसीबत में हैं। प्रशासन न उनको मजदूरी दे रहा और ना ही नाव को पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा है। पानी घटने के बाद 10 दिन से नाविक तहसील परिसर में रात काट रहे हैं।
52 गांव में बाढ़ के दौरान प्रशासन ने देवरिया के अलावा बनारस, गोरखपुर, फैजाबाद आदि जगहों से छोटी बड़ी 300 नावों का इंतजाम किया। बाढ़ के दौरान नाविकों को भोजन करने और रात को ठहरने के लिए मुसीबतें झेलनी पड़ी। अब उन्हें मजदूरी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को तहसील में मजदूरी पाने को घूम रहे नाविक प्रदीप साहनी, राजेंद्र साहनी, आकाश साहनी, राधेश्याम, मुकेश साहनी, ज्योति साहनी, अनिरुद्ध, दीनानाथ, श्रीराम, दिलीप, राजरोशन, देवाजी साहनी आदि ने कहा कि तहसील से लेकर ब्लॉक तक मजदूरी के लिए चक्कर काटना पड़ रहा। वह दो दिन से तहसील में जमे हैं। साहब लोग नाव ले जाने तक का भी इंतजाम नहीं करा रहे हैं। 25 दिन से वह परिवार से दूर हैं। घर गृहस्थी चलाने के लिए नाव चलाकर गुजारा करते हैं। ऐसे में मजदूरी नहीं मिलने से संकट बढ़ गया है। तहसीलदार सूर्यभान गिरी ने कहा कि कुछ नाविकों की मजदूरी दे दी गई। अन्य मजदूरों की मजदूरी भी भुगतान कर नाव ले जाने का इंतजाम कराया जा रहा है।
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52 गांव में बाढ़ के दौरान प्रशासन ने देवरिया के अलावा बनारस, गोरखपुर, फैजाबाद आदि जगहों से छोटी बड़ी 300 नावों का इंतजाम किया। बाढ़ के दौरान नाविकों को भोजन करने और रात को ठहरने के लिए मुसीबतें झेलनी पड़ी। अब उन्हें मजदूरी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को तहसील में मजदूरी पाने को घूम रहे नाविक प्रदीप साहनी, राजेंद्र साहनी, आकाश साहनी, राधेश्याम, मुकेश साहनी, ज्योति साहनी, अनिरुद्ध, दीनानाथ, श्रीराम, दिलीप, राजरोशन, देवाजी साहनी आदि ने कहा कि तहसील से लेकर ब्लॉक तक मजदूरी के लिए चक्कर काटना पड़ रहा। वह दो दिन से तहसील में जमे हैं। साहब लोग नाव ले जाने तक का भी इंतजाम नहीं करा रहे हैं। 25 दिन से वह परिवार से दूर हैं। घर गृहस्थी चलाने के लिए नाव चलाकर गुजारा करते हैं। ऐसे में मजदूरी नहीं मिलने से संकट बढ़ गया है। तहसीलदार सूर्यभान गिरी ने कहा कि कुछ नाविकों की मजदूरी दे दी गई। अन्य मजदूरों की मजदूरी भी भुगतान कर नाव ले जाने का इंतजाम कराया जा रहा है।
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