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खामपार थाने का रिसीव नहीं होता सीयूजी नंबर
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:52 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
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देवरिया। सीयूजी मोबाइल नंबर रिसीव नहीं करना खामपार एसओ के फितरत में शामिल है। एसपी के पास मौजूद एएसपी ने कई बार फोन किया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। यह देख एसपी राकेश शंकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए एसओ से बात करने के लिए वॉयरलेस से मैसेज पास कराना पड़ा।
लोगों की सहूलियत के लिए सभी थानेदारों के पास सीयूजी मोबाइल नंबर है, लेकिन खामपार एसओ मिथिलेश राय सीयूजी नंबर रिसीव नहीं करते हैं। इसकी शिकायत तत्कालीन एसपी राजीव मल्होत्रा के पास कई बार पहुंच चुकी थी। उन्होंने आदत में सुधार लाने के लिए हिदायत दी थी। फिर भी खामपार एसओ आदत से बाज नहीं आए। मंगलवार को हत्या के प्रयास के आरोपी को एक बजे लेकर एसपी कार्यालय लाना था। तय वक्त पर एसओ नहीं पहुंचे तो मीडिया और एसपी की मौजूदगी में एएसपी सुरेंद्र बहादुर कई बार फोन किया। एसओ का मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। यह देख एसपी नाराज हो गए और बात करने के लिए वॉयरलेस से मैसेज पास करने को कहा। करीब 45 मिनट बाद खामपार एसओ आरोपी को लेकर पहुंचे। एएसपी सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि मोबाइल रिसीव नहीं करना एसओ की लापरवाही है। यह मामला एसपी के संज्ञान में है।
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लोगों की सहूलियत के लिए सभी थानेदारों के पास सीयूजी मोबाइल नंबर है, लेकिन खामपार एसओ मिथिलेश राय सीयूजी नंबर रिसीव नहीं करते हैं। इसकी शिकायत तत्कालीन एसपी राजीव मल्होत्रा के पास कई बार पहुंच चुकी थी। उन्होंने आदत में सुधार लाने के लिए हिदायत दी थी। फिर भी खामपार एसओ आदत से बाज नहीं आए। मंगलवार को हत्या के प्रयास के आरोपी को एक बजे लेकर एसपी कार्यालय लाना था। तय वक्त पर एसओ नहीं पहुंचे तो मीडिया और एसपी की मौजूदगी में एएसपी सुरेंद्र बहादुर कई बार फोन किया। एसओ का मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। यह देख एसपी नाराज हो गए और बात करने के लिए वॉयरलेस से मैसेज पास करने को कहा। करीब 45 मिनट बाद खामपार एसओ आरोपी को लेकर पहुंचे। एएसपी सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि मोबाइल रिसीव नहीं करना एसओ की लापरवाही है। यह मामला एसपी के संज्ञान में है।
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