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लापरवाह चौकी इंचार्ज लाइन जाहिर
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:42 PM IST
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UP Police
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देवरिया। पुलिस की लापरवाही से शव का तीन दिनों तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। इस मामले में सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। आनन-फानन में कोतवाली पुलिस ने बुधवार को लाश का पोस्टमार्टम कराया। घर से दूर प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहा इकलौता बेटा नहीं आया तो पत्नी ने पति के शव को कुरना नाला पर दफना दिया।
गोरखपुर के चौरीचौरा निवासी दीनबंधु रेलवे में गैंगमैन पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रविवार को शौच जाते वक्त गिर गए थे। घरवाले उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर मृत घोषित कर दिया। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पत्नी हंसरावती ने डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की बात कही। डॉक्टर ने कोतवाली पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए सूचना भेज दिया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। लेकिन कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की बजाए मानवता को शर्मशार करने वाली हरकत की। इस कारण दीनबंधु की पत्नी हंसरावती को पोस्टमार्टम के इंतजार में मोर्चरी के बाहर तीन दिनों तक रात गुजारनी पड़ी। बुुधवार को समाचार पत्रों में जब खबर प्रकाशित हुई तो जिम्मेदार जागे और पोस्टमार्टम कराया गया। हंसरावती ने कहा कि उनके पति की इच्छा थी कि उनके शव को दफनाया जाए, इसलिए चिता को आग न देकर उनके शव को दफनाया गया है। एसपी राकेश शंकर ने सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज महेंद्र प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर सीओ सिटी को जांच का निर्देश दिया। सीओ संदीप सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पोस्टमार्टम में देरी की वजहों की जांच की जा रही है।
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गोरखपुर के चौरीचौरा निवासी दीनबंधु रेलवे में गैंगमैन पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रविवार को शौच जाते वक्त गिर गए थे। घरवाले उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर मृत घोषित कर दिया। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पत्नी हंसरावती ने डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की बात कही। डॉक्टर ने कोतवाली पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए सूचना भेज दिया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। लेकिन कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की बजाए मानवता को शर्मशार करने वाली हरकत की। इस कारण दीनबंधु की पत्नी हंसरावती को पोस्टमार्टम के इंतजार में मोर्चरी के बाहर तीन दिनों तक रात गुजारनी पड़ी। बुुधवार को समाचार पत्रों में जब खबर प्रकाशित हुई तो जिम्मेदार जागे और पोस्टमार्टम कराया गया। हंसरावती ने कहा कि उनके पति की इच्छा थी कि उनके शव को दफनाया जाए, इसलिए चिता को आग न देकर उनके शव को दफनाया गया है। एसपी राकेश शंकर ने सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज महेंद्र प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर सीओ सिटी को जांच का निर्देश दिया। सीओ संदीप सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पोस्टमार्टम में देरी की वजहों की जांच की जा रही है।
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