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मछलियों का कब्रगाह बना गिरिजा सरोवर
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:12 PM IST
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रुद्रपुर। पौराणिक महत्व के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के ठीक सामने बना गिरिजा सरोवर मछलियों का कब्रगाह बन गया है। सरोवर का पानी विषैला होने से पांच दिन से तालाब में मछलियां मर रही हैं। इससे मंदिर के साधू-संत आहत हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मछलियों की जान बचाने की अपील की, लेकिन प्रशासन की ने ठोस कदम नहीं उठाया।
मंदिर के ठीक सामने बना गिरजा सरोवर का पानी पांच दिन से विषैला हो गया है। सरोवर की देखरेख करने वाले साधू नकद दास ने कहा कि मुख्य मंदिर और मेला परिक्षेत्र का गंदा पानी सरोवर में गिरता है। इससे पानी जहरीला हो गया है। सरोवर मेें बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां पाली गई हैं। नकद दास 20 साल से मछलियों की सेवा कर रहे हैं। उन्हें तड़पकर मरता देख वह व्यथित हैं। पोखरे में पांच के दिन में करीब दो क्विंटल मछलियों की मौत हुई है। पहले दिन से मछलियों के मरना शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। पर्यावरण और जल जीवों के संरक्षण के लिए बने सरकारी संस्थान उनकी मौत रोकना तो दूर सरोवर पर हाल जानने आना मुनासिब नहीं समझा। मंदिर के ठीक सामने बना सरोवर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर की शोभा में चार चांद लगाता है। जवाहिर त्रिपाठी, आनंद वर्मा, विकास, बबलू, प्रदीप यादव, महंथ रमाशंकर भारती, विजयशंकर आदि ने एसडीएम से मछलियों की जान बचाने की अपील की। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि मत्स्य विभाग मछलियों की जान बचाने का निर्देश दिया गया है।
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मंदिर के ठीक सामने बना गिरजा सरोवर का पानी पांच दिन से विषैला हो गया है। सरोवर की देखरेख करने वाले साधू नकद दास ने कहा कि मुख्य मंदिर और मेला परिक्षेत्र का गंदा पानी सरोवर में गिरता है। इससे पानी जहरीला हो गया है। सरोवर मेें बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां पाली गई हैं। नकद दास 20 साल से मछलियों की सेवा कर रहे हैं। उन्हें तड़पकर मरता देख वह व्यथित हैं। पोखरे में पांच के दिन में करीब दो क्विंटल मछलियों की मौत हुई है। पहले दिन से मछलियों के मरना शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। पर्यावरण और जल जीवों के संरक्षण के लिए बने सरकारी संस्थान उनकी मौत रोकना तो दूर सरोवर पर हाल जानने आना मुनासिब नहीं समझा। मंदिर के ठीक सामने बना सरोवर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर की शोभा में चार चांद लगाता है। जवाहिर त्रिपाठी, आनंद वर्मा, विकास, बबलू, प्रदीप यादव, महंथ रमाशंकर भारती, विजयशंकर आदि ने एसडीएम से मछलियों की जान बचाने की अपील की। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि मत्स्य विभाग मछलियों की जान बचाने का निर्देश दिया गया है।
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