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जेडी का आदेश के बेअसर,नहीं सील किए गए डायग्नोस्टिक सेंटर
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:10 PM IST
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पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। तय मानकों को पूरा किए बिना शहर में लंबे समय से चल रहे तीन डायग्नोस्टिक सेंटर सील होंगे। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ने इसके लिए आदेश जारी किया है। पिछले दिनों छापामारी के दौरान इन सेंटरों में खामियां पाए जाने के बाद संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। तीन दिनों की मोहलत के बाद भी संचालकों ने कोई जवाब नहीं दिया। इनके विरुद्ध केस दर्ज कराने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है।
संयुक्त निदेशक गोरखपुर डॉ. जनार्दन मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में एक सप्ताह पूर्व राघव नगर के शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर, जनप्रिया डायग्नोस्टिक सेंटर व संजीवनी अस्पताल में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की गई। तीनों सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर के संचालित हो रहे थे। संजीवनी अस्पताल और इसमें चल रहे पैथॉलाजी सेंटर का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं नहीं था। शिवम और जनप्रिया पर तो डॉक्टर भी नहीं थे। एक युवक महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहा था। संयुक्त निदेशक डॉ. जर्नादन मणि त्रिपाठी ने कहा कि 31 जुलाई को सीएमओ को पत्र भेजकर तीनों डायग्नोस्टिक सेंटर को सील करने का निर्देश दिया है। जवाब नहीं मिलने पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया गया।
सरकारी डॉक्टरों की मदद से चलते हैं नर्सिंगहोम
देवरिया। प्राइवेट नर्सिंगहोम सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की बदौलत चल रहे हैं। कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां जिला अस्पताल के सर्जन और बेहोशी के डॉक्टर ऑपरेशन के लिए जाते हैं। इसके एवज में अच्छी खासी रकम भी मिल जाती है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी चिह्नित नर्सिंग होम में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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संयुक्त निदेशक गोरखपुर डॉ. जनार्दन मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में एक सप्ताह पूर्व राघव नगर के शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर, जनप्रिया डायग्नोस्टिक सेंटर व संजीवनी अस्पताल में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की गई। तीनों सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर के संचालित हो रहे थे। संजीवनी अस्पताल और इसमें चल रहे पैथॉलाजी सेंटर का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं नहीं था। शिवम और जनप्रिया पर तो डॉक्टर भी नहीं थे। एक युवक महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहा था। संयुक्त निदेशक डॉ. जर्नादन मणि त्रिपाठी ने कहा कि 31 जुलाई को सीएमओ को पत्र भेजकर तीनों डायग्नोस्टिक सेंटर को सील करने का निर्देश दिया है। जवाब नहीं मिलने पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया गया।
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सरकारी डॉक्टरों की मदद से चलते हैं नर्सिंगहोम
देवरिया। प्राइवेट नर्सिंगहोम सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की बदौलत चल रहे हैं। कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां जिला अस्पताल के सर्जन और बेहोशी के डॉक्टर ऑपरेशन के लिए जाते हैं। इसके एवज में अच्छी खासी रकम भी मिल जाती है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी चिह्नित नर्सिंग होम में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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