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जिम्मेदार जागे, कुर्ना नाला ब्रिज से आवागमन प्रतिबंधित
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:56 PM IST
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देवरिया। कुर्ना नाला के जर्जर पुल की खबर प्रकाशित होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने नोटिस बोर्ड के अलावा लोहे का बैरियर भी लगाया है, ताकि कोई भारी वाहन न गुजरे।
शहर के उत्तर-पश्चिम से कुर्ना नाला गुजरता है। इस रास्ते को कसया बाईपास भी कहा जाता है। शहीद बाबा का मजार और सोमनाथ मंदिर के बीच से कुर्ना गुजरता है। यह पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। आवागमन के लिए खतरे का सबब है। अमर उजाला ने 15 अगस्त को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर खतरे के प्रति आगाह किया था। इससे सैकड़ों लोगों को रोजाना आना-जाना होता है। हालत यह है कि चार पहिया वाहन के गुजरते समय तेज कंपन होता है। छुट्टी के बाद छात्रों का हुजूम पुल से होकर गुजरता है। विभाग ने आनन-फानन में नोटिस बोर्ड लगा दिया गया है। जिस पर पुल की जर्जर हालत का उल्लेख है। एहतियात के तौर पर बैरियर भी लगा है, ताकि ट्रक, बस समेत अन्य भारी वाहन न गुजरे। क्योंकि नो-इंट्री में गोरखपुर की तरफ से आने-जाने वाले वाहन पुल से होकर गुजरते हैं। चर्च, गुरुद्वारा, देवरही मंदिर, गायत्री मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थल हैं। यहां पर रोजाना लोग दस्तक देने आते हैं।
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शहर के उत्तर-पश्चिम से कुर्ना नाला गुजरता है। इस रास्ते को कसया बाईपास भी कहा जाता है। शहीद बाबा का मजार और सोमनाथ मंदिर के बीच से कुर्ना गुजरता है। यह पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। आवागमन के लिए खतरे का सबब है। अमर उजाला ने 15 अगस्त को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर खतरे के प्रति आगाह किया था। इससे सैकड़ों लोगों को रोजाना आना-जाना होता है। हालत यह है कि चार पहिया वाहन के गुजरते समय तेज कंपन होता है। छुट्टी के बाद छात्रों का हुजूम पुल से होकर गुजरता है। विभाग ने आनन-फानन में नोटिस बोर्ड लगा दिया गया है। जिस पर पुल की जर्जर हालत का उल्लेख है। एहतियात के तौर पर बैरियर भी लगा है, ताकि ट्रक, बस समेत अन्य भारी वाहन न गुजरे। क्योंकि नो-इंट्री में गोरखपुर की तरफ से आने-जाने वाले वाहन पुल से होकर गुजरते हैं। चर्च, गुरुद्वारा, देवरही मंदिर, गायत्री मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थल हैं। यहां पर रोजाना लोग दस्तक देने आते हैं।
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