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आलम की खोज में कचहरी बनी छावनी
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:31 PM IST
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देवरिया। सदर तहसील गेट पर विद्याभास्कर के हत्यारोपी आलम को पकड़ने के लिए जिले की पुलिस ने बुधवार को कचहरी में डेरा डाल दिया। हालांकि वह कोर्ट में समर्पण करने ही नहीं आया। फिलहाल देर शाम तक पुलिस कचहरी के आसपास जमी रही।
शनिवार की रात करीब नौ बजे आलम और तीन साथियों ने तहसील गेट पर फोटो कॉपियर्स की दुकान चलाने वाले विद्याभास्कर जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गोरखपुर ओवरब्रिज के पास एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा को भी गोली मारी गई थी। अरविंद ने गोली मारने वाले बदमाशों का नाम बताया था। विद्याभास्कर के परिवारवालों ने भी उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज कराया। मौके पर पहुंचे एसपी राजीव मल्होत्रा ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम गठित की। पुलिस ने आलम और उसके साथियों को पकड़ने के लिए तमाम जगहों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। कुशीनगर में भी पुलिस की टीम कई दिनों से जमी थी। इधर, सूचना मिली कि किसी अधिवक्ता के जरिए आलम कोर्ट में समर्पण करेगा। सूचना के आधार पर जिले भर की फोर्स को कचहरी के चारो तरफ लगाया गया था। पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी थी। कचहरी के अंदर जाने वाले हर रास्ते पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। पुलिस ने गेट पर चेकिंग भी की। बिना ड्रेस जाने वाले अधिवक्ताओं की भी चेकिंग की गई। देर शाम तक पुलिस यहां मौजूद रही, लेकिन खाली हाथ ही रही। एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा का कहना है कि सूचना के आधार पर सतर्कता बरती गई। हत्यारोपी आलम और उसका कोई भी साथी कोर्ट में समर्पण करने नहीं आया।
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शनिवार की रात करीब नौ बजे आलम और तीन साथियों ने तहसील गेट पर फोटो कॉपियर्स की दुकान चलाने वाले विद्याभास्कर जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गोरखपुर ओवरब्रिज के पास एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा को भी गोली मारी गई थी। अरविंद ने गोली मारने वाले बदमाशों का नाम बताया था। विद्याभास्कर के परिवारवालों ने भी उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज कराया। मौके पर पहुंचे एसपी राजीव मल्होत्रा ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम गठित की। पुलिस ने आलम और उसके साथियों को पकड़ने के लिए तमाम जगहों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। कुशीनगर में भी पुलिस की टीम कई दिनों से जमी थी। इधर, सूचना मिली कि किसी अधिवक्ता के जरिए आलम कोर्ट में समर्पण करेगा। सूचना के आधार पर जिले भर की फोर्स को कचहरी के चारो तरफ लगाया गया था। पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी थी। कचहरी के अंदर जाने वाले हर रास्ते पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। पुलिस ने गेट पर चेकिंग भी की। बिना ड्रेस जाने वाले अधिवक्ताओं की भी चेकिंग की गई। देर शाम तक पुलिस यहां मौजूद रही, लेकिन खाली हाथ ही रही। एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा का कहना है कि सूचना के आधार पर सतर्कता बरती गई। हत्यारोपी आलम और उसका कोई भी साथी कोर्ट में समर्पण करने नहीं आया।
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