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देवरिया का रण तय करेगा कई दिग्गजों का सियासी कद
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देवरिया। जिले के लिए लोकसभा चुनाव कई मायनों में खास है। यहां भाजपा के तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की प्रतिष्ठा दांव पर है तो बसपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष की भी। विधानसभा में सपा और कांग्रेस के नेता सदन का चुनाव क्षेत्र होने के कारण यहां की जीत उनके लिए नाक का सवाल बनी है। हर दल किसी भी हाल में अपना परचम फहराने को बेताब हैं। इसके लिए सियासी समीकरणों को अपने अनुकूल किया जा रहा है तो स्टार प्रचारकों की फौज भी झोंक दी गई है।
भाजपा की बात करें तो पार्टी ने सदर सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले रमापति राम को मौजूदा सांसद कलराज मिश्र की जगह उतारा गया है। कलराज मिश्र चार बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रमापति राम उनके कराए गए कार्यों को ही गिनाकर जनता से अपने पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं। जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। लिहाजा यह चुनाव उनके लिए भी साख का सवाल बना हुआ है। अपने तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों वाली इस सीट को फतह करने के लिए पार्टी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। नौ मई के बाद से यहां मोदी, शाह, राजनाथ, गडकरी जैसे शीर्ष नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे हैं।
इसी लोकसभा क्षेत्र के तमकुहीराज विधानसभा सीट से कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू विधायक हैं। अजय विधानसभा में अपनी पार्टी के विधायक दल के नेता भी हैं। ऐसे में यहां की जीत उनके लिए बेहद अहम है। पार्टी उम्मीदवार नियाज अहमद के पक्ष में माहौल बनाने के लिए वह दिन-रात एक किए हुए हैं। कई स्टार प्रचारकों को भी यहां उतारने की रणनीति तैयार हो रही है। जिले की सलेमपुर सीट से बसपा ने आरएस कुशवाहा को उतारा है। प्रदेश अध्यक्ष के मैदान में होने से पूरी पार्टी उन्हें जिताने के लिए दमखम से लगी है। 15 को राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की जनसभा भी खुखुंदू में इसलिए तय की गई है कि वह एक साथ देवरिया और सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं को रिझा सकें। बलिया की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी यहीं से विधायक हैं। गठबंधन उम्मीदवार की जीत-हार उनके सियासी भविष्य के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर राजभर, युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव का भी गृह क्षेत्र होने के कारण हर किसी की निगाह देवरिया के रण पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक हलके में यह भी चर्चा है कि चुनाव परिणाम इन सभी नेताओं के पद-कद का भी फैसला करेगा।
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भाजपा की बात करें तो पार्टी ने सदर सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले रमापति राम को मौजूदा सांसद कलराज मिश्र की जगह उतारा गया है। कलराज मिश्र चार बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रमापति राम उनके कराए गए कार्यों को ही गिनाकर जनता से अपने पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं। जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। लिहाजा यह चुनाव उनके लिए भी साख का सवाल बना हुआ है। अपने तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों वाली इस सीट को फतह करने के लिए पार्टी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। नौ मई के बाद से यहां मोदी, शाह, राजनाथ, गडकरी जैसे शीर्ष नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे हैं।
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इसी लोकसभा क्षेत्र के तमकुहीराज विधानसभा सीट से कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू विधायक हैं। अजय विधानसभा में अपनी पार्टी के विधायक दल के नेता भी हैं। ऐसे में यहां की जीत उनके लिए बेहद अहम है। पार्टी उम्मीदवार नियाज अहमद के पक्ष में माहौल बनाने के लिए वह दिन-रात एक किए हुए हैं। कई स्टार प्रचारकों को भी यहां उतारने की रणनीति तैयार हो रही है। जिले की सलेमपुर सीट से बसपा ने आरएस कुशवाहा को उतारा है। प्रदेश अध्यक्ष के मैदान में होने से पूरी पार्टी उन्हें जिताने के लिए दमखम से लगी है। 15 को राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की जनसभा भी खुखुंदू में इसलिए तय की गई है कि वह एक साथ देवरिया और सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं को रिझा सकें। बलिया की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी यहीं से विधायक हैं। गठबंधन उम्मीदवार की जीत-हार उनके सियासी भविष्य के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर राजभर, युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव का भी गृह क्षेत्र होने के कारण हर किसी की निगाह देवरिया के रण पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक हलके में यह भी चर्चा है कि चुनाव परिणाम इन सभी नेताओं के पद-कद का भी फैसला करेगा।
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