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नहीं हुई अफसरों की तैनाती तो वकील करेंगे प्रदर्शन
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:35 PM IST
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सलेमपुर। इन दिनों तहसील अफसर विहीन हो गया है। इसकी वजह से तहसील में आने वाले वादकारियों और फरियादियों का काम नहीं हो रहा है। इसको लेकर वकीलों में आक्रोश है। नाराज बार एसोसिएशन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सलेमपुर तहसील में 531 गांव है लेकिन एसडीएम, तहसीलदार, न्यायिक तहसीलदार के तबादले के बाद नई तैनाती नहीं हुई है। सदर तहसीलदार और भाटपाररानी एसडीएम को सप्ताह में तीन दिन के लिए सलेमपुर अटैच किया गया है जो सिर्फ कार्यालय का काम करेंगे। इसकी वजह से न्यायालय का काम ठप पड़ा है। एक पखवारा से तहसील का यह हाल है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष परशुराम मिश्र ने डीएम को दिए गए मांग पत्र में कहा है कि देवरिया के बाद सबसे बड़ी तहसील सलेमपुर है। अफसरों की कमी के कारण लोगों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर आला अफसर बेखबर हैं। जनहित का ध्यान रखते हुए अगर एक सप्ताह के अंदर तहसील में स्थायी तौर पर अफसरों की तैनाती नहीं होती है तो वकील उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान सचिव देवकृष्ण कुशवाहा, परमानंद यादव, रत्नेश श्रीवास्तव, चन्द्रभूषण तिवारी आदि मौजूद रहे।
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सलेमपुर तहसील में 531 गांव है लेकिन एसडीएम, तहसीलदार, न्यायिक तहसीलदार के तबादले के बाद नई तैनाती नहीं हुई है। सदर तहसीलदार और भाटपाररानी एसडीएम को सप्ताह में तीन दिन के लिए सलेमपुर अटैच किया गया है जो सिर्फ कार्यालय का काम करेंगे। इसकी वजह से न्यायालय का काम ठप पड़ा है। एक पखवारा से तहसील का यह हाल है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष परशुराम मिश्र ने डीएम को दिए गए मांग पत्र में कहा है कि देवरिया के बाद सबसे बड़ी तहसील सलेमपुर है। अफसरों की कमी के कारण लोगों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर आला अफसर बेखबर हैं। जनहित का ध्यान रखते हुए अगर एक सप्ताह के अंदर तहसील में स्थायी तौर पर अफसरों की तैनाती नहीं होती है तो वकील उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान सचिव देवकृष्ण कुशवाहा, परमानंद यादव, रत्नेश श्रीवास्तव, चन्द्रभूषण तिवारी आदि मौजूद रहे।
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