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प्रतापपुर मिल में इस वर्ष साढ़े छह लाख क्विंटल अधिक होगी गन्ना पेराई
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:44 PM IST
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प्रतापपुर मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ
विधायक ने उठाया बकाया भुगतान का मुद्दा, मिला आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापपुर। जिले की एकमात्र चीनी मिल प्रतापपुर में शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच पूजा के बाद विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय व यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने मिल के डोंगे में गन्ना डालकर नए गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत की। मिल प्रबंधन ने इस वर्ष 25 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। गत वर्ष के सापेक्ष यह लक्ष्य साढ़े लाख क्विंटल अधिक है।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि अभी भी यहां के किसानों का करोड़ों रुपया गन्ना मूल्य भुगतान बाकी है। मिल प्रबंधन उसके भुगतान की समुचित व्यवस्था करे। उन्होंने जल्द बकाया नहीं देने पर किसानों की आवाज को सदन तक उठाने की बात कही। यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने कहा कि इस वर्ष 25 लाख क्विंटल गन्ना यूपी और बिहार के किसानों का पेरने का लक्ष्य है। पिछले गन्ना पेराई का शेष 22 फीसदी का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। इस दौरान गन्ना प्रबंधक आरएस पांडेय, सेल्स प्रबंधक आरएन त्रिपाठी, एके उपाध्याय, भाजपा के जयनाथ कुशवाहा, चंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख व्यास यादव, विंदा कुशवाहा, अनिल मिश्र, जयप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
भुगतान को लेकर किसानों का हंगामा
भाटपाररानी। प्रतापपुर चीनी मिल परिसर में एक तरफ जहां मिल प्रशासन नए पेराई सत्र का शुभारंभ कर रहा था तो दूसरी ओर क्षेत्र से आए दर्जनों किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर हंगामा कर दिया। किसान रामचीज भगत, रामवृक्ष, कविलास प्रसाद, श्रीराम कुशवाहा, जयप्रकाश, रमाकांत, सुरेंद्र, चंद्रभान यादव, नंदजी दुबे आदि का कहना था कि चीनी मिल पर अभी भी क्षेत्र के किसानों का 12 करोड़ 32 लाख रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी है। इसे मिल प्रशासन देने में आनाकानी कर रहा है। इससे किसानों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। बकाया नहीं मिलने से उनकी गेहूं की बुवाई और खेत की जुताई प्रभावित हो रही है। यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने शीघ्र ही भुगतान का आश्वासन किया। कहा कि जब तक पुराना भुगतान नहीं हो जाता है, तब तक नया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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विधायक ने उठाया बकाया भुगतान का मुद्दा, मिला आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापपुर। जिले की एकमात्र चीनी मिल प्रतापपुर में शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच पूजा के बाद विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय व यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने मिल के डोंगे में गन्ना डालकर नए गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत की। मिल प्रबंधन ने इस वर्ष 25 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। गत वर्ष के सापेक्ष यह लक्ष्य साढ़े लाख क्विंटल अधिक है।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि अभी भी यहां के किसानों का करोड़ों रुपया गन्ना मूल्य भुगतान बाकी है। मिल प्रबंधन उसके भुगतान की समुचित व्यवस्था करे। उन्होंने जल्द बकाया नहीं देने पर किसानों की आवाज को सदन तक उठाने की बात कही। यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने कहा कि इस वर्ष 25 लाख क्विंटल गन्ना यूपी और बिहार के किसानों का पेरने का लक्ष्य है। पिछले गन्ना पेराई का शेष 22 फीसदी का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। इस दौरान गन्ना प्रबंधक आरएस पांडेय, सेल्स प्रबंधक आरएन त्रिपाठी, एके उपाध्याय, भाजपा के जयनाथ कुशवाहा, चंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख व्यास यादव, विंदा कुशवाहा, अनिल मिश्र, जयप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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भुगतान को लेकर किसानों का हंगामा
भाटपाररानी। प्रतापपुर चीनी मिल परिसर में एक तरफ जहां मिल प्रशासन नए पेराई सत्र का शुभारंभ कर रहा था तो दूसरी ओर क्षेत्र से आए दर्जनों किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर हंगामा कर दिया। किसान रामचीज भगत, रामवृक्ष, कविलास प्रसाद, श्रीराम कुशवाहा, जयप्रकाश, रमाकांत, सुरेंद्र, चंद्रभान यादव, नंदजी दुबे आदि का कहना था कि चीनी मिल पर अभी भी क्षेत्र के किसानों का 12 करोड़ 32 लाख रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी है। इसे मिल प्रशासन देने में आनाकानी कर रहा है। इससे किसानों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। बकाया नहीं मिलने से उनकी गेहूं की बुवाई और खेत की जुताई प्रभावित हो रही है। यूनिट हेड आरएस त्रिपाठी ने शीघ्र ही भुगतान का आश्वासन किया। कहा कि जब तक पुराना भुगतान नहीं हो जाता है, तब तक नया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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