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हनुमान ने जलाई लंका, माता सीता की ली सुधि
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:59 PM IST
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बरहज। बरांव गांव स्थित रामलीला नाट्य समिति द्वारा किए जा रहे लीला मंचन में हनुमान ने समुद्र लांघ सीता की सुधि ली। जबकि उन्होंने फल खाने के बहाने लंका को जलाकर राक्षसों को प्रभु के बल पौरुष का अहसास कराते हैं। समुद्र लांघने में बानरों को असमर्थ देख जामवंत ने हनुमान को उनके बल का ज्ञान कराया।
बुधवार को चल रहे लीला में सर्वप्रथम प्रभु के झांकी की आरती उतारी जाती है। सीता की खोज में भटक रहे प्रभु श्रीराम किष्किंधा पर्वत के पास पहुुंचते हैं। जिसे देख सुग्रीव भयभीत होकर दोनों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हनुमान को भेजता हैं। ब्राह्मण भेष में हनुमान दोनों भाइयों से मिलकर जानकारी हासिल करते हैं। जानकारी लेने के बाद उन्हें सुग्रीव के पास ले जाते हैं। सुग्रीव की व्यथा जानने के बाद प्रभु मित्रता करते हुए बालि का वध करने की बात कहते हैं। जिस पर सुग्रीव सात खड़े ताड़ के वृक्षों को एक बाण से ढहाने को कहता है। विश्वास होने और प्रभु की आज्ञा पाकर वह बालि को ललकारता है। जिसे भगवान एक ही बाण में मार गिराते हैं। राम अपने अनुज लक्ष्मण से सुग्रीव का राजतिलक कराते हैं। सुग्रीव बानरों को सभी दिशाओं में भेज सीता की खोज करने का आदेश देते हैं।
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बुधवार को चल रहे लीला में सर्वप्रथम प्रभु के झांकी की आरती उतारी जाती है। सीता की खोज में भटक रहे प्रभु श्रीराम किष्किंधा पर्वत के पास पहुुंचते हैं। जिसे देख सुग्रीव भयभीत होकर दोनों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हनुमान को भेजता हैं। ब्राह्मण भेष में हनुमान दोनों भाइयों से मिलकर जानकारी हासिल करते हैं। जानकारी लेने के बाद उन्हें सुग्रीव के पास ले जाते हैं। सुग्रीव की व्यथा जानने के बाद प्रभु मित्रता करते हुए बालि का वध करने की बात कहते हैं। जिस पर सुग्रीव सात खड़े ताड़ के वृक्षों को एक बाण से ढहाने को कहता है। विश्वास होने और प्रभु की आज्ञा पाकर वह बालि को ललकारता है। जिसे भगवान एक ही बाण में मार गिराते हैं। राम अपने अनुज लक्ष्मण से सुग्रीव का राजतिलक कराते हैं। सुग्रीव बानरों को सभी दिशाओं में भेज सीता की खोज करने का आदेश देते हैं।
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