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धान की खेती को नया आयाम दे रहे कुसम्हा के जितेंद्र
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रुद्रपुर। क्षेत्र में पहली बारिश के बाद जहां किसान धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर रहें हैं, वहीं, कुसम्हा गांव के किसान जितेंद्र सिंह के पांच बीघे खेत में धान की बालियां लटक रही हैं। वह 15 जुलाई तक धान की एक फसल काट कर दोबारा धान की रोपाई करने का दावा कर रहे हैं। खेत में लहलहा रही धान की फसल देखने के लिए लोगों का मजमा लग रहा है।
पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा ग्रहण करने वाले किसान जितेंद्र सिंह निरंतर खेती को नया आयाम देने में लगे हैं। वह सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय पुस्तैनी खेती में रोजगार तलाश रहे हैं। पिछले तीन साल से खेती में नवाचार कर आय बढ़ाने में लगे हैं। उन्होंने इस साल अप्रैल की चिलचिलाती धूप में धान की रोपाई कर मौसम को चुनौती दे दी। पछुआ हवा के थपेड़ों के बीच जब खेतों में धूल उड़ रही थी तो जितेंद्र निजी ट्यूबवेल से पानी चलाकर धान का रोपण करा रहे थे। प्रतिकूल मौसम में धान की खेती करने वाले किसान पर लोग हंस रहे थे। लेकिन युवा किसान ने खेत में हर सप्ताह पानी चलाकर न केवल फसल बचाई बल्कि मौसम को मात देकर धान की अच्छी फसल उगाई। अब पांच बीघे खेत में खड़ी 80 प्रतिशत फसल फूटकर पकने के कगार पर है। वह एक ही सीजन में दूसरी बार धान रोपने के लिए नर्सरी तैयार कर लिए हैं। 10 जुलाई तक पहली फसल काटकर धान की दूसरी फसल की रोपाई कर देंगे। इस तरह किसान को एक सीजन में फसल का दोहरा लाभ मिलेगा। जितेंद्र के अनुसार वह पांच बीघा जमीन पर दो बार धान की फसल काटकर करीब 160 क्विंटल धान पैदा करेंगे। सामान्य रूप से किसान पांच बीघा खेत में 80 क्विंटल धान की पैदा कर पाते हैं। धान की खेती में उनके नवाचार की चर्चा चारों ओर हो रही है। कहा कि वह शाहजहांपुर से धान का बीज लाकर नर्सरी उगाए थे। वह करीब तीन लाख रुपये का धान बेचने का दावा कर रहे हैं।
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पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा ग्रहण करने वाले किसान जितेंद्र सिंह निरंतर खेती को नया आयाम देने में लगे हैं। वह सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय पुस्तैनी खेती में रोजगार तलाश रहे हैं। पिछले तीन साल से खेती में नवाचार कर आय बढ़ाने में लगे हैं। उन्होंने इस साल अप्रैल की चिलचिलाती धूप में धान की रोपाई कर मौसम को चुनौती दे दी। पछुआ हवा के थपेड़ों के बीच जब खेतों में धूल उड़ रही थी तो जितेंद्र निजी ट्यूबवेल से पानी चलाकर धान का रोपण करा रहे थे। प्रतिकूल मौसम में धान की खेती करने वाले किसान पर लोग हंस रहे थे। लेकिन युवा किसान ने खेत में हर सप्ताह पानी चलाकर न केवल फसल बचाई बल्कि मौसम को मात देकर धान की अच्छी फसल उगाई। अब पांच बीघे खेत में खड़ी 80 प्रतिशत फसल फूटकर पकने के कगार पर है। वह एक ही सीजन में दूसरी बार धान रोपने के लिए नर्सरी तैयार कर लिए हैं। 10 जुलाई तक पहली फसल काटकर धान की दूसरी फसल की रोपाई कर देंगे। इस तरह किसान को एक सीजन में फसल का दोहरा लाभ मिलेगा। जितेंद्र के अनुसार वह पांच बीघा जमीन पर दो बार धान की फसल काटकर करीब 160 क्विंटल धान पैदा करेंगे। सामान्य रूप से किसान पांच बीघा खेत में 80 क्विंटल धान की पैदा कर पाते हैं। धान की खेती में उनके नवाचार की चर्चा चारों ओर हो रही है। कहा कि वह शाहजहांपुर से धान का बीज लाकर नर्सरी उगाए थे। वह करीब तीन लाख रुपये का धान बेचने का दावा कर रहे हैं।
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