फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   पांचवें हत्यारोपी ने भी कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

पांचवें हत्यारोपी ने भी कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

Sat, 15 Jun 2019 11:13 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 11:13 PM IST
विज्ञापन
पांचवें हत्यारोपी ने भी कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
court order - फोटो : amar ujala
देवरिया। छात्र रंजीत सिंह की हत्या के तीन आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर के बाद भी पुलिस सचेत नहीं हुई। नतीजा पांचवें आरोपी ने भी शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर उसे गोरखपुर बाल सुधार गृह भेज दिया गया। इससे पूर्व तीन आरोपियों ने शुक्रवार को सरेंडर किया और एक आरोपी गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन

खुखुंदू थानाक्षेत्र के बंजरिया शुक्ल गांव निवासी विजय प्रताप सिंह के बेटे रंजीत सिंह (17) की कोचिंग में सीट पर बैठने के विवाद में आठ जून की सुबह सदर कोतवाली के मालीबारी में हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने मौके से एक छात्र को पकड़ा था। मृतक के माता-पिता दिल्ली गए थे। इंदिरानगर मोहल्ले के रहने वाले फूफा ओपेंद्र कुमार राव ने सदर कोतवाली के अहिल्यापुर गांव के पांच छात्रों के खिलाफ हत्या और बलवा का केस दर्ज कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। उन पर दबाव बनाने के लिए परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। शुक्रवार को तीन आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इससे पुलिसवालों ने राहत की सांस ली थी। शनिवार को पांचवें आरोपी ने भी सरेंडर कर दिया। न्यायालय ने कार्रवाई पूर्ण करने के बाद उसे भी बाल सुधार गृह गोरखपुर भेज दिया। सदर कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि पुलिस के लगातार छापेमारी, परिवार और रिश्तेदारों पर दबाव बनाने से आरोपियों ने सरेंडर किया है।
विज्ञापन


गच्चा खाई या मैनेज हुई पुलिस
छात्र रंजीत की हत्या के चार आरोपियों ने 24 घंटे के अंतराल में कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस इसे ही अपनी कामयाबी बताकर खुश है। अफसरों की दलील है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी। छापेमारी व दबिश के चलते ही आरोपियों ने समर्पण किया। थोड़ी चूक हो गई, वरना उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया होता। जिसे पुलिस का गच्चा खाना कहा जा रहा है, दरअसल वह पुलिस का मैनेज होना है। इस मामले में शुरू से ही पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में रहा। रंजीत के माता-पिता बार-बार पुलिस पर राजनीतिक दबाव में सुस्ती बरतने का आरोप लगाते रहे हैं। चर्चा है कि धरने की चेतावनी के बाद हरकत में आई पुलिस ने मैनेज होकर आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का मौका दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed