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संशोधन प्रस्ताव को लेकर मुश्किलों में घिरा जिला पंचायत प्रशासन

Fri, 30 Nov 2018 10:44 PM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:44 PM IST
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संशोधन प्रस्ताव को लेकर मुश्किलों में घिरा जिला पंचायत प्रशासन
संशोधन प्रस्ताव को लेकर मुश्किलों में
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घिरा जिला पंचायत प्रशासन

बैठक से पूर्व 31 सदस्यों ने पत्र देकर संशोधन प्रस्ताव पर चर्चा से किया इन्कार
कहा: कोर्ट में है मामला, लिहाजा नहीं होगी चर्चा, बहिष्कार का एलान किया
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही नए इंटरलॉकिंग कार्य को सीसीरोड में तब्दील कराने की कवायद में जिला पंचायत प्रशासन उलझता जा रहा है। टेंडर प्रकाशित होने और मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद आनन-फानन में संशोधन के लिए बोर्ड की बैठक बुलाने पर सदस्य लामबंद हो गए हैं। जिला पंचायत के कुल 56 में से 31 सदस्यों ने गुरुवार को ज्ञापन देकर एक दिसंबर को होने वाली बैठक मेें संशोधन मुद्दे पर चर्चा न कराने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर बैठक के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है।
जिला पंचायत ने 290 सड़कों पर इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 19 अक्तूबर को टेंडर प्रकाशित किया था। निविदा प्रक्रिया के बीच में ही इंटरलॉकिंग कार्य को सीसी रोड में संशोधित कर दिया गया। बोर्ड की स्वीकृति के बिना हुए इस संशोधन को नियम विरुद्ध बताते हुए कई सदस्य हाईकोर्ट में चले गए। कोर्ट ने जिला पंचायत प्रशासन को इस मामले में 10 दिसंबर को साक्ष्य सहित जवाब उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इस बीच आनन-फानन में एक दिसंबर को बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। बैठक में चर्चा के लिए स्वीकृत एजेंडे में प्रस्ताव संख्या तीन पर राज्य वित्त आयोग वर्ष 2018-19 की स्वीकृत कार्ययोजनाओं से चयनित परियोजनाओं के लिए आमंत्रित निविदा में इंटरलॉकिंग कार्य के स्थान पर सीसी कार्य में परिवर्तित करने की स्वीकृति को शामिल की गई है। एजेंडा बिंदू की प्रति मिलते ही सदस्य आंदोलित हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिली थी तो फिर मनमाने ढंग से संशोधन क्यों किया गया। वैसे भी यह प्रकरण हाईकोर्ट में है, लिहाजा अब इसमें संशोधन उचित नहीं है। सदस्यों ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इस बिंदू को छोड़कर बैठक में चर्चा कराने की मांग की। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह बैठक का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश तिवारी, वीरेंद्र सिंह, रंभा देवी, शकुंतला भारती, सावित्री देवी, अरुण यादव, जवाहिर, बुद्धदेव कुमार, रिंकू यादव, धर्मदेव यादव, परवेज आलम, सुभावती, शीला देवी, नीमा यादव, रागिनी सिंह, मीरा आदि शामिल रहीं।
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कोरम पूरा कराने में जुटे अफसर
सदस्यों के एक गुट के संशोधन प्रस्ताव पर चर्चा से इन्कार के बाद जिला पंचायत प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए दस दिसंबर से पूर्व हर हाल में बोर्ड की स्वीकृति का पत्र प्रस्तुत करना होगा। लिहाजा वह बैठक में कोरम पूरा कराने की कवायद में जुटा है। इसके लिए बैठक में जिला पंचायत के पदेन सदस्य सांसद, विधायक, ब्लॉक प्रमुख को भी शामिल कराने की कोशिश है। पिछली बार इसी आधार पर बैठक में समितियों के गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया था। अब फिर से इसी गणित में जुट गए हैं। हालांकि विरोधी खेमा भी इसे खारिज कराने में जुटा है।
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