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टैक्स बार एसोसिएान
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:22 PM IST
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देवरिया। वाणिज्य कर महकमे से जुड़े अधिवक्ताओं ने जीएसटी के प्रावधान के विरोध में धरना दिया। कहा कि पोर्टल पर अधूरी जानकारी है। इसके चलते व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को दिया।
टैक्स बार एसोसिएशन और देवरिया टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता बुधवार जिला पंचायत बिल्डिंग स्थित वाणिज्य कर के दफ्तर पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जीएसटी के प्रावधानों के खिलाफ नारेेबाजी की। जिसमें विलंब शुल्क की व्यवस्था को मार्च 2018 तक बढ़ाया जाए। जीएसटी पोर्टल की क्षमता को बढ़ाया जाए। ताकि लोगों को सहूलियत मिलें। विलंब शुल्क को अधिकतम दो हजार रुपये की जाए। जीएसटी के प्रारूप एक, दो और तीन को आसान बनाए। नकद धनराशि को समायोजित कराएं। कर की कीमतों का वर्गीकरण कम करें। एक ट्रेड में अनेक दर से वर्गीकरण को सुधारा जाए। जिला स्तर पर सलाहकार परिषद का गठन करे। इसके सुझाव को जीएसटी काउंसिल में भेजने का अधिकार मिले। इस दौरान जेबी सिंह, कासिम मेंहदी, एन सिंह, सत्यदेव पांडेय, राजेश अग्रवाल, भूपेंद्र सिंह, अजय मिश्र, राकेश पाठक, कृष्णानंद सिंह आदि रहे।
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टैक्स बार एसोसिएशन और देवरिया टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता बुधवार जिला पंचायत बिल्डिंग स्थित वाणिज्य कर के दफ्तर पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जीएसटी के प्रावधानों के खिलाफ नारेेबाजी की। जिसमें विलंब शुल्क की व्यवस्था को मार्च 2018 तक बढ़ाया जाए। जीएसटी पोर्टल की क्षमता को बढ़ाया जाए। ताकि लोगों को सहूलियत मिलें। विलंब शुल्क को अधिकतम दो हजार रुपये की जाए। जीएसटी के प्रारूप एक, दो और तीन को आसान बनाए। नकद धनराशि को समायोजित कराएं। कर की कीमतों का वर्गीकरण कम करें। एक ट्रेड में अनेक दर से वर्गीकरण को सुधारा जाए। जिला स्तर पर सलाहकार परिषद का गठन करे। इसके सुझाव को जीएसटी काउंसिल में भेजने का अधिकार मिले। इस दौरान जेबी सिंह, कासिम मेंहदी, एन सिंह, सत्यदेव पांडेय, राजेश अग्रवाल, भूपेंद्र सिंह, अजय मिश्र, राकेश पाठक, कृष्णानंद सिंह आदि रहे।
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