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हियुवा पर भारी पड़े भाजपा कार्यकर्ता
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:00 PM IST
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रामपुर कारखाना। कस्बे से दो दिन पहले संदिग्ध हालात में उठाए गए चार व्यक्तियों को छुड़ाने के लिए भाजपा और हियुवा कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए थे। गुरुवार की सुबह हियुवा कार्यकर्ताओं पर भाजपा कार्यकर्ता भारी पड़े। नजाकत भांप पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। पकड़े गए संदिग्धों को छोड़ दिया। हालांकि भाजपाइयों ने इससे सच्चाई की जीत बताया तो हियुवा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की नाकामी।
तीन लोग संदिग्ध हालत में कस्बे में हरियाणा का नंबर अंकित वाहन से आए थे। तीनों हरियाणा के रहने वाले हैं। एक मकान के बाहर तीनों एक व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच किसी ने संदिग्धों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हरियाणा के तीन तथा स्थानीय कस्बे के एक व्यक्ति को थाने ले आई। घटना की जानकारी होने पर हियुवा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और मुकदमा दर्ज करने की बात करने लगे। हियुवा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उक्त लोग यहां से लड़कियों की खरीद-फरोख्त करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता पकड़े गए लोगों को छुड़ाने में लग गए। उनका कहना था कि पकड़े गए लोग रिश्तेदारी में आए थे। लड़कियों के खरीद फरोख्त की बात निराधार है। दो दिन तक थाने में पंचायत चलती रही। बुधवार की देर शाम हियुवा और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा तो दूसरा पक्ष छुड़ाने में लग गया। देर रात एक संगठन के जिलाध्यक्ष की तरफ से तहरीर दी गई। इसकी खबर पकड़े गए संदिग्धों के परिजनों को लग गई, जो हरियाणा का एक भाजपा पदाधिकारी बताया जाता है। उसने प्रदेश सरकार के एक मंत्री को फोन मिला दिया। दूरभाष पर इस घटना का सूचना मिलते ही कद्दावर नेता ने गोरखपुर के पुलिस महानिरीक्षक को अवगत कराया। इसके बाद एसपी को मामले की जानकारी हो गई। देर रात एसपी ने सीओ सदर को मामले की विवेचना करने थाने भेजा। गुरुवार की सुबह पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस को छोड़ना पड़ा। थानेदार प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में पकड़े गए संदिग्धों को छोड़ दिया गया है।
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तीन लोग संदिग्ध हालत में कस्बे में हरियाणा का नंबर अंकित वाहन से आए थे। तीनों हरियाणा के रहने वाले हैं। एक मकान के बाहर तीनों एक व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच किसी ने संदिग्धों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हरियाणा के तीन तथा स्थानीय कस्बे के एक व्यक्ति को थाने ले आई। घटना की जानकारी होने पर हियुवा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और मुकदमा दर्ज करने की बात करने लगे। हियुवा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उक्त लोग यहां से लड़कियों की खरीद-फरोख्त करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता पकड़े गए लोगों को छुड़ाने में लग गए। उनका कहना था कि पकड़े गए लोग रिश्तेदारी में आए थे। लड़कियों के खरीद फरोख्त की बात निराधार है। दो दिन तक थाने में पंचायत चलती रही। बुधवार की देर शाम हियुवा और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा तो दूसरा पक्ष छुड़ाने में लग गया। देर रात एक संगठन के जिलाध्यक्ष की तरफ से तहरीर दी गई। इसकी खबर पकड़े गए संदिग्धों के परिजनों को लग गई, जो हरियाणा का एक भाजपा पदाधिकारी बताया जाता है। उसने प्रदेश सरकार के एक मंत्री को फोन मिला दिया। दूरभाष पर इस घटना का सूचना मिलते ही कद्दावर नेता ने गोरखपुर के पुलिस महानिरीक्षक को अवगत कराया। इसके बाद एसपी को मामले की जानकारी हो गई। देर रात एसपी ने सीओ सदर को मामले की विवेचना करने थाने भेजा। गुरुवार की सुबह पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस को छोड़ना पड़ा। थानेदार प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में पकड़े गए संदिग्धों को छोड़ दिया गया है।
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